Pune Airport: पुणे के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (लोहेगांव एयरपोर्ट) पर शुक्रवार रात एक बड़ा विमान हादसा टल गया। भारतीय वायुसेना (IAF) के एक लड़ाकू विमान की ‘हार्ड लैंडिंग’ के कारण हवाई अड्डे के रनवे को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। इस घटना के बाद पुणे से संचालित होने वाली कई नागरिक उड़ानों पर असर पड़ा, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
क्या थी पूरी घटना?
शुक्रवार (17 अप्रैल) की रात लगभग 10:25 बजे, भारतीय वायुसेना का एक लड़ाकू विमान नियमित प्रशिक्षण के बाद पुणे रनवे पर लैंड कर रहा था। लैंडिंग के दौरान विमान में अचानक कुछ तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते विमान की ‘हार्ड लैंडिंग’ हुई। इस झटके के कारण विमान रनवे के बीचों-बीच रुक गया और रनवे ब्लॉक हो गया।
वायुसेना ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि विमान का चालक दल (Crew) पूरी तरह सुरक्षित है और इस घटना में किसी भी नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि, विमान के रनवे पर फंसे होने के कारण पुणे एयरपोर्ट से होने वाले सभी नागरिक और सैन्य ऑपरेशंस को तुरंत रोक दिया गया।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
घटना की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि वह हवाई अड्डे के निदेशक और वायुसेना के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि एयरलाइन कंपनियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है ताकि यात्रियों को अपडेट दिया जा सके।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि यह एक तकनीकी खराबी का मामला था। वायुसेना के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने शुरुआती आकलन में बताया कि रनवे से विमान को हटाने और स्थिति सामान्य करने में कम से कम चार से पांच घंटे का समय लगेगा।
उड़ानों पर असर और बहाली के प्रयास
रनवे बंद होने के कारण पुणे आने वाली कई फ्लाइट्स को मुंबई या नजदीकी हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट करना पड़ा, जबकि पुणे से उड़ान भरने वाली उड़ानों में भारी देरी हुई। देर रात तक वायुसेना की तकनीकी टीम रनवे को साफ करने और विमान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के कार्य में जुटी रही।
वायुसेना ने अपने बयान में कहा, “भारतीय वायुसेना के एक विमान से जुड़ी घटना के कारण पुणे का रनवे अस्थायी रूप से अनुपलब्ध है। रनवे को जल्द से जल्द चालू करने और सामान्य परिचालन फिर से शुरू करने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं।”
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