PSL 2026: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 के सीजन से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पाकिस्तान के अनुभवी आक्रामक बल्लेबाज फखर जमां को गेंद की स्थिति से छेड़छाड़ (बॉल टैम्परिंग) का दोषी पाया गया है। पीएसएल की आचार संहिता के ‘लेवल 3’ के उल्लंघन के तहत उन पर यह कार्रवाई की गई है। हालांकि फखर ने इस सजा के खिलाफ अपील की थी, लेकिन 3 अप्रैल को अपीलीय संस्था ने उनकी दलीलों को खारिज करते हुए दो मैचों के प्रतिबंध के फैसले पर मुहर लगा दी। इस कड़े फैसले के बाद फखर जमां को मैदान से बाहर होना पड़ा, जिससे लाहौर कलंदर्स के खेमे में हड़कंप मच गया था।
मैदान से बाहर होकर भी टीम के साथ: कोच की नई भूमिका
आमतौर पर जब किसी खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगता है, तो वह टीम से दूर हो जाता है, लेकिन लाहौर कलंदर्स ने एक अनोखा रास्ता अपनाया है। टीम प्रबंधन ने फखर जमां को निलंबित होने के बावजूद अपने साथ जोड़े रखने का फैसला किया और उन्हें ‘अस्थायी कोच’ (Temporary Coach) की जिम्मेदारी सौंप दी। ‘द संडे गार्डियन’ और पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, 3 अप्रैल को लाहौर में मुल्तान सुल्तान्स के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान फखर डगआउट में मुख्य रणनीतिकार की भूमिका में नजर आए। उन्होंने टीम के मार्गदर्शन की कमान संभाली, जो क्रिकेट जगत में एक दुर्लभ घटना मानी जा रही है।
रसेल डोमिंगो की अनुपस्थिति और फखर का रणनीतिक कौशल
मुल्तान सुल्तान्स के खिलाफ हुए इस अहम मुकाबले में फखर जमां ने हेड कोच की भूमिका निभाई, लेकिन लाहौर कलंदर्स ने इस बारे में कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है कि टीम के नियमित कोच रसेल डोमिंगो ने उस दिन अपनी भूमिका क्यों नहीं निभाई। क्या यह केवल फखर को टीम के साथ व्यस्त रखने का एक तरीका था या डोमिंगो की अनुपस्थिति का कोई अन्य कारण था, यह अभी भी रहस्य बना हुआ है। हालांकि, फखर की देखरेख में टीम का प्रदर्शन शानदार रहा, जिससे उनके क्रिकेटिंग माइंड और टीम बॉन्डिंग की सराहना की जा रही है।
बारिश से प्रभावित मैच में लाहौर की रोमांचक जीत
मुल्तान सुल्तान्स और लाहौर कलंदर्स के बीच हुआ यह मुकाबला बारिश के कारण छोटा करना पड़ा। मैच को घटाकर 13-13 ओवर का कर दिया गया था। फखर जमां की अनुपस्थिति में शाहीन अफरीदी ने टीम की कप्तानी की। पहले बल्लेबाजी करते हुए लाहौर की टीम ने आक्रामक रुख अपनाया और निर्धारित 13 ओवरों में 5 विकेट खोकर 185 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुल्तान सुल्तान्स की टीम संघर्ष करती दिखी और 13 ओवर में 165 रन ही बना सकी। लाहौर ने यह मैच 20 रनों से जीत लिया, जिसका श्रेय फखर की नई रणनीतियों और शाहीन की कप्तानी को दिया गया।
कब होगी फखर जमां की मैदान पर वापसी?
फखर जमां के प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि उनका प्रतिबंध जल्द ही समाप्त होने वाला है। प्रतिबंध के कारण वह मुल्तान सुल्तान्स के खिलाफ नहीं खेल पाए और अब वह 9 अप्रैल को इस्लामाबाद यूनाइटेड के खिलाफ होने वाले मैच में भी चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। हालांकि, उनके 11 अप्रैल को पेशावर जाल्मी के खिलाफ होने वाले मुकाबले के जरिए मैदान पर वापसी करने की पूरी संभावना है। तब तक वह एक कोच और मेंटर के रूप में अपनी टीम का उत्साहवर्धन करना जारी रखेंगे। लाहौर कलंदर्स को उम्मीद है कि फखर की वापसी से उनकी बल्लेबाजी लाइनअप को फिर से वही मजबूती मिलेगी।










