PSL 2026 Controversy : पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के 11वें सीजन की शुरुआत से पहले ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार विवाद किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन या टीम चयन को लेकर नहीं, बल्कि लीग के खराब मैनेजमेंट को लेकर शुरू हुआ है। पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल ने पीएसएल के आयोजन स्तर पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। अकमल का मानना है कि जिस लीग को दुनिया के बड़े ब्रांड्स में गिना जाता है, उसका शुरुआती कार्यक्रम बेहद साधारण और अव्यवस्थित था। उन्होंने सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पीसीबी की तैयारियों की जमकर क्लास लगाई है, जिससे क्रिकेट गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस या ‘वलीमा’? अकमल ने आयोजन के स्तर पर उठाए सवाल
कामरान अकमल ने कप्तानों की औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के तरीके पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसकी तुलना ‘वलीमा’ (शादी के रिसेप्शन) से कर दी। उन्होंने कहा कि आयोजन को देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लग रहा था कि यह किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े टी20 टूर्नामेंट की शुरुआत है। अकमल के अनुसार, सभी छह कप्तानों को एक साथ एक ही मेज पर बैठा दिया गया था, जिससे वहां भारी अव्यवस्था फैल गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यह कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं बल्कि वलीमा लग रहा था, जहाँ समझ ही नहीं आ रहा था कि पत्रकार किससे सवाल पूछ रहे हैं और जवाब कौन दे रहा है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि पीएसएल एक ग्लोबल ब्रांड है और इसे उसी गरिमा के साथ पेश किया जाना चाहिए था।
विदेशी कप्तानों की फजीहत: शाहीन अफरीदी को बनना पड़ा ‘अनुवादक’
अकमल ने इस बात पर भी चिंता जताई कि इस अव्यवस्था के कारण विदेशी कप्तानों को काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। जब पत्रकार उर्दू में सवाल पूछ रहे थे या आपस में शोर कर रहे थे, तो विदेशी खिलाड़ियों को कुछ समझ नहीं आ रहा था। कामरान ने बताया कि स्थिति इतनी हास्यास्पद हो गई थी कि शाहीन शाह अफरीदी को बार-बार साथी कप्तानों को सवाल समझाने पड़ रहे थे। एक इंटरनेशनल लीग के लिए इस तरह की भाषा और संचार की बाधा को न संभाल पाना पीसीबी की बड़ी विफलता मानी जा रही है। अकमल ने इसे ‘लोकल टूर्नामेंट’ जैसा व्यवहार करार दिया।
प्रोफेशनलिज्म की कमी: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फोन में व्यस्त थे खिलाड़ी
मैनेजमेंट के साथ-साथ कामरान अकमल ने खिलाड़ियों के अनुशासन और उनके रवैये पर भी उंगली उठाई है। उन्होंने दावा किया कि जब प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी, तब कुछ खिलाड़ी मंच पर बैठे हुए अपने मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त थे। अकमल के मुताबिक, “जब आप इतने बड़े मंच पर होते हैं और पूरी दुनिया आपको देख रही होती है, तो आपका व्यवहार प्रोफेशनल होना चाहिए। फोन चलाना और बातचीत पर ध्यान न देना लीग की छवि को खराब करता है।” उन्होंने कप्तानों को याद दिलाया कि वे अपनी टीम और देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, ऐसे में शालीनता अनिवार्य है।
पीसीबी मैनेजमेंट को सलाह: अलग-अलग सत्रों से बढ़ती कार्यक्रम की गरिमा
पूर्व क्रिकेटर ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसे आयोजनों को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर बोर्ड सभी कप्तानों के साथ अलग-अलग मीडिया सत्र आयोजित करता, तो पत्रकारों को भी सवाल पूछने में आसानी होती और कार्यक्रम अधिक प्रभावी दिखता। अकमल का तर्क है कि बोर्ड के पास पर्याप्त संसाधन और समय था, लेकिन नियोजन (Planning) की कमी के कारण यह एक ‘मजाक’ बनकर रह गया। उन्होंने पीसीबी के अधिकारियों से अपील की कि वे लीग की साख बचाने के लिए बारीकियों पर ध्यान दें।
क्या पीएसएल अपनी खोई हुई साख वापस पा पाएगा?
पीएसएल को अक्सर भारतीय प्रीमियर लीग (IPL) के बाद दुनिया की सबसे बड़ी लीग होने का दावा किया जाता है, लेकिन कामरान अकमल की इस आलोचना ने इसकी ब्रांड वैल्यू पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। एक तरफ जहां अन्य क्रिकेट बोर्ड अपनी लीग को भव्य बनाने के लिए करोड़ों खर्च कर रहे हैं, वहीं पीसीबी के इस ‘देसी’ अंदाज ने प्रशंसकों को भी निराश किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टूर्नामेंट के मैचों के दौरान पीसीबी इन गलतियों से सीख लेता है या विवादों का यह सिलसिला जारी रहता है।









