ब्रिटेन में भड़का ईरान विरोध, दूतावास पर लगा झंडा उतारकर किया गया विरोध प्रदर्शन

लंदन ईरान में सुलग रहा जनआक्रोश अब सीमाओं को पार कर चुका है, और दुनिया के बड़े शहरों में इसकी गूंज सुनाई देने लगी है। ईरानी प्रदर्शनों की आग अब यूरोप तक फैल गई है। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक प्रदर्शनकारी ने ईरानी दूतावास की इमारत से ईरान का राष्ट्रीय ध्वज उतारकर फाड़ दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान संकट की गूंज और तेज हो गई है। यह घटना उस समय हुई जब लंदन में बड़ी संख्या में ईरानी प्रवासी, मानवाधिकार कार्यकर्ता और सरकार-विरोधी समर्थक सड़कों पर उतरकर तेहरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना

Wrriten By :

Editor

Published On :

जनवरी 11, 2026

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लंदन
ईरान में सुलग रहा जनआक्रोश अब सीमाओं को पार कर चुका है, और दुनिया के बड़े शहरों में इसकी गूंज सुनाई देने लगी है। ईरानी प्रदर्शनों की आग अब यूरोप तक फैल गई है। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक प्रदर्शनकारी ने ईरानी दूतावास की इमारत से ईरान का राष्ट्रीय ध्वज उतारकर फाड़ दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान संकट की गूंज और तेज हो गई है। यह घटना उस समय हुई जब लंदन में बड़ी संख्या में ईरानी प्रवासी, मानवाधिकार कार्यकर्ता और सरकार-विरोधी समर्थक सड़कों पर उतरकर तेहरान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ईरान में जनता की आवाज़ को गोलियों, गिरफ्तारियों और इंटरनेट बंदी के ज़रिये दबाया जा रहा है।
 
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक प्रदर्शनकारी दूतावास की बालकनी के पास पहुंचा और वहां लगा ईरानी झंडा उतारकर फाड़ दिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसे ईरानी शासन के खिलाफ प्रतीकात्मक विद्रोह के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने “तानाशाही मुर्दाबाद”, “खामेनेई हटाओ” और “ईरान को आज़ादी दो” जैसे नारे लगाए। कई लोगों ने हाथों में ईरान में मारे गए प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें और मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़े पोस्टर भी पकड़ रखे थे।ब्रिटिश पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि किसी बड़े टकराव की खबर नहीं है, लेकिन सुरक्षा कारणों से ईरानी दूतावास के आसपास पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दूतावास की सुरक्षा में कोई चूक तो नहीं हुई।
 
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना दिखाती है कि ईरान में जारी आंदोलन अब केवल घरेलू मुद्दा नहीं रहा। यूरोप, कनाडा और अमेरिका में बसे ईरानी समुदाय लगातार अपने देशों की सरकारों से तेहरान पर दबाव बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान में अब तक सैकड़ों प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं और हजारों को हिरासत में लिया गया है। इंटरनेट और संचार सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण वास्तविक हालात सामने आना मुश्किल हो गया है। लंदन में दूतावास से झंडा फाड़े जाने की घटना को ईरानी शासन के लिए एक कूटनीतिक शर्मिंदगी माना जा रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक, यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे प्रदर्शन बढ़ते रहे, तो ईरान पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव और गहरा सकता है।

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