रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन, निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ विरोध

 धनबाद धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर झारखंड अभिभावक महासंघ ने एकदिवसीय धरना दिया। धरना मे झारखंड अभिभावक महासंघ के अध्यक्ष पप्पू सिंह ने छौ घंटे का उपवास धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर झारखंड अभिभावक महासंघ के बैनर तले एकदिवसीय धरना का आयोजन किया गया. इस धरना का मुख्य मुद्दा निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही अवैध शुल्क वसूली और न्यायालय तथा न्यायाधिकरण के आदेशों की अनदेखी था. बड़ी संख्या में अभिभावक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और अपनी नाराजगी जाहिर की. महासंघ अध्यक्ष ने रखा छह घंटे का उपवास धरना के दौरान महासंघ के अध्यक्ष पप्पू सिंह

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Published On :

अप्रैल 15, 2026

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 धनबाद

धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर झारखंड अभिभावक महासंघ ने एकदिवसीय धरना दिया। धरना मे झारखंड अभिभावक महासंघ के अध्यक्ष पप्पू सिंह ने छौ घंटे का उपवास धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर झारखंड अभिभावक महासंघ के बैनर तले एकदिवसीय धरना का आयोजन किया गया. इस धरना का मुख्य मुद्दा निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही अवैध शुल्क वसूली और न्यायालय तथा न्यायाधिकरण के आदेशों की अनदेखी था. बड़ी संख्या में अभिभावक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और अपनी नाराजगी जाहिर की.

महासंघ अध्यक्ष ने रखा छह घंटे का उपवास
धरना के दौरान महासंघ के अध्यक्ष पप्पू सिंह ने छह घंटे का उपवास भी रखा. उन्होंने कहा कि अभिभावकों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उनके उपवास को बाद में झारखंड ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की सदस्य श्वेता किन्नर ने जूस पिलाकर समाप्त कराया.

अवैध शुल्क वसूली पर गंभीर आरोप
अभिभावकों का आरोप है कि जिले के अधिकांश निजी विद्यालय झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण के आदेशों का उल्लंघन कर मनमानी फीस वसूल रहे हैं. स्कूल “री-एडमिशन” के नाम पर विभिन्न प्रकार के शुल्क जैसे परीक्षा शुल्क, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क, लाइब्रेरी शुल्क और खेलकूद शुल्क के रूप में भारी रकम वसूल रहे हैं, जो पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है.

जबरन किताब और सामान खरीदने का दबाव
धरना में यह भी आरोप लगाया गया कि कई विद्यालय अभिभावकों को चिन्हित दुकानों से ही किताबें, कॉपियां और स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर करते हैं. इतना ही नहीं, जूते, मोजे और अन्य सामग्री भी तय दुकानों से खरीदने का दबाव बनाया जाता है. यह प्रथा न केवल अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालती है, बल्कि नियमों का भी उल्लंघन है.

कानूनी प्रावधानों की अनदेखी
अभिभावकों ने बताया कि यह सभी गतिविधियां झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम, 2017 के खिलाफ हैं. साथ ही शिकायत वाद संख्या 01/2005, एक्जीक्यूशन केस 1/2005 और शिकायत वाद संख्या 8/2008 में दिए गए निर्देशों की भी अवहेलना हो रही है. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.

प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें
झारखंड अभिभावक महासंघ ने जिला प्रशासन से कई मांगें रखीं. इनमें निजी विद्यालयों की शुल्क संरचना की जांच, अवैध वसूली पर रोक, किताब-कॉपी और अन्य सामग्री की जबरन खरीद पर प्रतिबंध और दोषी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शामिल है. महासंघ का कहना है कि इन मांगों को जल्द पूरा किया जाना चाहिए.

चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
धरना के दौरान महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि चार दिनों के भीतर जिला प्रशासन अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन के साथ बैठक कर कोई समाधान नहीं निकालता है, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.

सैकड़ों अभिभावकों की रही भागीदारी
इस धरना में महासंघ के महासचिव मनोज मिश्रा, वरीय उपाध्यक्ष मुकेश पाण्डेय, कोषाध्यक्ष प्रेम ठाकुर, मीडिया प्रभारी रतिलाल महतो सहित कई पदाधिकारी और सैकड़ों अभिभावक शामिल हुए. सभी ने एकजुट होकर निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठाई. इस धरना-प्रदर्शन में दिलीप सिंह, उदय प्रताप सिंह, बॉबी पाण्डेय, पूजा रत्नाकर, पिंकी सिंह, सोहराब खान, जीतेन्द्र अग्रवाल, रवि कुमार, टिंकू सरकार, मिहिर दत्ता, मगधेश कुमार, रविंदरनाथ सोनार, अभिषेक सिंह, भगवान दास शर्मा, तारकेश्वर तिवारी, रोबिन धिवर, श्याम पाण्डेय, मंटू सिंह, गणेश चौरसिया, प्रभात सूरौलिया, अजय वर्मा, शालिनी मिश्रा, प्रवीण गोधा, अविनाश पाण्डेय, कुल्लू चौधरी, प्रेम पाण्डेय, धीरेन्दर ब्रह्मचारी, विनय अग्रवाल, विक्की जायसवाल, श्रीकांत रक्षित, कन्हैया कुमार, सुकुमार कुम्भकार, सचिन ठाकुर, सत्येंदर पाण्डेय, राज गुप्ता,सुरेश यादव आदि भी उपस्थित थे.

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