Women Reservation Bill : संसद में मजाक, घर में विचार? प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर कसा बड़ा तंज

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया है कि पीएम संसद में राहुल गांधी का मजाक तो उड़ाते हैं, लेकिन एकांत में वह राहुल द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों को गहराई से समझते और लागू करते हैं। क्या यह विपक्ष की नई रणनीति है? जानिए प्रियंका के इस बयान के पीछे के मायने।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 16, 2026

Women Reservation Bill : संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की घेराबंदी करते हुए कई तीखे सवाल दागे हैं। प्रियंका गांधी ने सरकार की मंशा और इसे लागू करने की प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक कदम महज एक राजनीतिक दिखावा बनकर रह गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के विचार के साथ है, लेकिन जिस तरह से इसे कानूनी पेचीदगियों में फंसाया जा रहा है, वह करोड़ों महिलाओं और पिछड़ों के साथ धोखा है।

परिसीमन की शर्त पर आपत्ति और आंकड़ों की विश्वसनीयता

प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस विधेयक को लागू करने में जानबूझकर देरी करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार 2011 की पुरानी जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू करने की बात कर रही है, जो पूरी तरह से अनुचित है। प्रियंका के अनुसार, इतने बड़े संवैधानिक बदलाव के लिए नवीनतम और ठोस आंकड़ों की आवश्यकता होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2021 की जनगणना अब तक नहीं हुई है, तो सरकार किस आधार पर सीटों के सीमांकन का दावा कर रही है? उन्होंने इसे सरकार की “जल्दबाजी” और “अस्पष्टता” का प्रतीक बताया।

राहुल गांधी का अपमान और विपक्ष की आवाज

प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष अक्सर सदन में उनका मजाक उड़ाता है, लेकिन जब देश के गंभीर मुद्दों पर चर्चा होती है, तो राहुल द्वारा उठाए गए बिंदु ही केंद्र बिंदु बन जाते हैं। प्रियंका ने आरोप लगाया कि संसद के विस्तार और सीटों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव पर कोई ठोस ब्लूप्रिंट नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल सुर्खियां बटोरने में लगी है, जबकि धरातल पर क्रियान्वयन की दिशा में कोई स्पष्टता नहीं है।

ओबीसी वर्ग के हक की लड़ाई और जनगणना का डर

प्रियंका गांधी ने इस विवाद में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार नई जातिगत जनगणना कराने से “घबरा” रही है। प्रियंका का दावा है कि सरकार को डर है कि यदि नई जनगणना हुई, तो ओबीसी वर्ग की वास्तविक आबादी के आंकड़े सामने आ जाएंगे, जिससे उन्हें ज्यादा हिस्सेदारी देनी पड़ेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 2011 के आंकड़ों का सहारा लेकर सरकार जनता की “आंखों में धूल झोंक” रही है और पिछड़ों का अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है।

अमित शाह पर निशाना और चाणक्य का जिक्र

गृह मंत्री अमित शाह और सरकार की रणनीतियों पर कटाक्ष करते हुए प्रियंका ने कहा कि असम में हुए हालिया परिसीमन ने निष्पक्षता की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि वहां जिस तरह से मनमाने ढंग से सीमाओं को बदला गया, उससे पूरी प्रक्रिया पर संदेह पैदा होता है। प्रियंका ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि प्राचीन काल के महान रणनीतिकार चाणक्य आज जीवित होते, तो वे भी इस कूटनीतिक हेरफेर और स्थिति को देखकर चकित रह जाते।

मौजूदा सीटों पर ही आरक्षण लागू करने की मांग

प्रियंका गांधी ने सरकार से सीधा सवाल पूछा कि यदि मंशा साफ है, तो लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों पर ही तुरंत 33% आरक्षण क्यों नहीं लागू किया गया? उन्होंने सरकार की उस शर्त पर आपत्ति जताई जिसमें कहा गया है कि आरक्षण केवल जनगणना और परिसीमन के बाद ही प्रभावी होगा। प्रियंका के मुताबिक, बीजेपी ने इस महत्वपूर्ण सामाजिक सुधार को केवल “सत्ता बनाए रखने का हथकंडा” बना दिया है। उनका यह बयान दर्शाता है कि आने वाले समय में विपक्ष महिला आरक्षण के भीतर कोटे और इसे तुरंत लागू करने की मांग को लेकर अपना आंदोलन और तेज करेगा।

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