Dharmendra Pradhan Welcome: संसद के चल रहे मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संसद परिसर में हुए स्वागत पर बेहद कड़ा और तीखा रुख अपनाया है। मीडिया से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि सोमवार को नीट (NEET) पेपर लीक और देशव्यापी छात्र आक्रोश के बाद अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके धर्मेंद्र प्रधान का जिस तरह से संसद के भीतर और बाहर स्वागत किया गया है, वह सरासर शर्मनाक है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे देश के लिए कोई हीरो या सुपरस्टार नहीं हैं, जिनका इस तरह जश्न मनाया जाए।
प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की मौजूदा सरकार पर अब कोई भरोसा नहीं कर सकता, क्योंकि आज भी देश के छात्र-युवा सड़कों पर प्रताड़ित किए जा रहे हैं। सरकार को संवाद स्थापित कर इस गंभीर मामले को सुलझाना चाहिए था, लेकिन इसके उलट सरकार अभी भी छात्रों के दमन पर उतरी हुई है जो पूरी तरह से गलत है।
“मोदी सरकार पर अब देश का कोई नागरिक या छात्र भरोसा नहीं कर सकता”
इसी कड़ी में प्रियंका गांधी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के लाखों मेधावी विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है और शिक्षा तंत्र पूरी तरह चरमरा गया है, ऐसे में जवाबदेह चेहरे का इस तरह स्वागत किया जाना जनता के साथ भयंकर मजाक है। उन्होंने दो टूक कहा कि वर्तमान मोदी सरकार पर देश का कोई भी वर्ग अब विश्वास नहीं कर सकता। सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर छात्रों के साथ बैठकर बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए था, लेकिन सरकार दमनकारी नीतियां अपनाकर युवाओं की आवाज को दबाना चाहती है। कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे छात्रों के इस संघर्ष में हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं और सरकार की इस तानाशाही रवैये को देश की जनता के सामने बेनकाब करते रहेंगे।
राहुल गांधी ने भी BJP सांसदों द्वारा किए गए स्वागत को बताया “बर्बादी का जश्न”
इस पूरे विवाद पर राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कड़ा प्रहार किया था। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि संसद परिसर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसदों द्वारा पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का माला पहनाकर सम्मान किया जाना वास्तव में “लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न” मनाने जैसा है। राहुल गांधी ने तंज कसते हुए लिखा कि प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद हो चुकी शिक्षा व्यवस्था के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा भी किसी नैतिक जिम्मेदारी के तहत नहीं, बल्कि देश भर के युवाओं और छात्रों के उमड़े भारी आक्रोश के डर से मजबूर होकर देना पड़ा है। राहुल ने चेतावनी दी कि देश का हर एक छात्र इस घिनौने आचरण को गहराई से देख रहा है और चुनाव या भविष्य में इसमें शामिल एक-एक चेहरे को अच्छी तरह याद रखेगा।
मिथिला की पारंपरिक ‘पाग’ पहनाकर लगाए गए थे नारे
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक और छात्रों के देशव्यापी उग्र विरोध प्रदर्शनों के बाद अपने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को जैसे ही संसद परिसर पहुंचे, तो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। मकर द्वार के निकट मौजूद बीजेपी के कुछ प्रमुख नेताओं और सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया और ‘प्रधान जिंदाबाद’ के नारे बुलंद किए।
इस दौरान बिहार के दरभंगा से लोकसभा सांसद गोपाल जी ठाकुर ने उन्हें मिथिला की पारंपरिक सांस्कृतिक पहचान ‘पाग’ पहनाकर सम्मानित किया। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष उनके समर्थन में जुटा था, वहीं ठीक कुछ ही दूरी पर खड़े विपक्षी सांसदों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए “चोर-चोर, पेपर चोर” के जोरदार नारे लगाए। इस्तीफे के तुरंत बाद संसद में हुए इस नाटकीय घटनाक्रम ने मानसून सत्र के माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।










