Priyanka Chaturvedi: जनरल नरवणे की किताब को लेकर प्रियंका चतुर्वेदी का फूटा गुस्सा, कह दी ये बड़ी बात

प्रियंका चतुर्वेदी ने जनरल नरवणे की किताब को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। संसद में इस विवाद ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी। प्रियंका ने मोदी सरकार से सवाल पूछा कि बिना सबूत आरोप कैसे लगाए जा सकते हैं। जानिए क्या है विवाद की असली वजह और प्रतिक्रिया का असर।

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

फ़रवरी 11, 2026

Priyanka Chaturvedi: पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की संस्मरण (Memoir) काफी समय से चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसको लेकर सबकी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इसी कड़ी में शिवसेवा (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद और तेजतर्रार नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक पूर्व आर्मी चीफ की किताब से सरकार इतनी विचलित क्यों है।

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किताब पर रोक लगाने की कोशिश पर नाराज़गी

प्रियंका चतुर्वेदी ने जनरल नरवणे की किताब के प्रकाशन को रोकने की कोशिशों को काफी शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया ऐसा है कि जैसे किसी दुश्मन देश के सेना प्रमुख की किताब आई हो। इसके साथ ही उन्होंने आगे तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या हम पाकिस्तान के जनरल की बात कर रहे हैं? जनरल नरवणे हमारे ही देश के पूर्व सेना प्रमुख रहे हैं।

सरकार की मंशा पर सवाल

बताते चलें कि, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले यह कहती है कि किताह प्रकाशित नही हुई, लेकिन फिर यह यह चर्चा में कैसे आई? प्रियंका ने इस बात का भी दावा किया कि सरकार डरी हुई और घबराई हुई हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआर और कानूनी कार्रवाई के जरिए वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को डराने का प्रयास किया जा रहा है ताकि भविष्य में कोई भी सरकार की कमियों पर कुछ न लिख सके।

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गलवान विवाद और सुरक्षा पर हमला

चीन के साथ सीमा विवाद का जिक्र करते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि उस समय सरकार ने दावा किया था कि “न कोई आया, न कोई घायल हुआ और न ही किसी ने कब्जा किया।” उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सब कुछ सामान्य था तो उस दौर की पूरी सच्चाई बताने में क्या समस्या है। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि संकट के समय सरकार ने क्या फैसले लिए थे।

‘वंदे मातरम’ बनाम ‘वंदे भारत’ पर तंज

‘वंदे मातरम’ बनाम ‘वंदे भारत’ पर तंज
‘वंदे मातरम’ बनाम ‘वंदे भारत’ पर तंज

प्रियंका चतुर्वेदी ने बीजेपी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि अब ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा हो रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले राज्यसभा सत्र में नारा लगाने पर पाबंदी की एडवाइजरी का उन्होंने विरोध किया था। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कम से कम अब बीजेपी नेताओं को यह फर्क समझ आएगा कि ‘वंदे मातरम’ और ‘वंदे भारत’ में अंतर है, क्योंकि कई बार उनके नेता भाषणों में गलत नाम ले लेते हैं।

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दिल्ली की स्थिति पर चिंता

सांसद चतुर्वेदी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बदहाली पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यहां का बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। सुरक्षा और जवाबदेही दोनों ही गायब हैं। चुनावों में बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन आज दिल्ली की सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर राजधानी के लायक नहीं रह गए हैं।