President Droupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन दिनों उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी मथुरा-वृंदावन के दौरे पर हैं। 19 मार्च से शुरू हुए इस तीन दिवसीय दौरे में उन्होंने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और कई कार्यक्रमों में भाग लिया। आज उनके कार्यक्रम का सबसे विशेष हिस्सा है श्री गिरिराज गोवर्धन की सप्तकोशीय परिक्रमा, जिसे वह 21 किलोमीटर की दूरी में पूरा करेंगी। इस परिक्रमा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
Eid Ul-Fitr: देशभर में ईद-उल-फितर की धूम, राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी ने दी मुबारकबाद
यात्रा के इंतजाम
महामहिम राष्ट्रपति मुर्मू गोवर्धन परिक्रमा को गोल्फ कार के माध्यम से संपन्न करेंगी ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित रहे। इस दौरान वह श्रीनाथ जी मंदिर में भी दर्शन करेंगी। गोवर्धन परिक्रमा का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष है और इसे भगवान श्रीकृष्ण से सीधे तौर पर जोड़ा जाता है।
गोवर्धन परिक्रमा का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र देव के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था। तभी से इस पर्वत को भगवान का स्वरूप माना जाता है और इसकी पूजा की जाती है। श्रद्धालु मानते हैं कि सच्ची भक्ति और विश्वास के साथ गोवर्धन की परिक्रमा करने से जीवन के दुख दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
परिक्रमा की विशेषताएँ
गोवर्धन पर्वत की सप्तकोशीय परिक्रमा लगभग 21 किलोमीटर लंबी होती है और इसकी शुरुआत दानघाटी मंदिर से होती है। इस यात्रा के दौरान भक्त राधा कुंड, श्याम कुंड, मानसी गंगा और कुसुम सरोवर जैसे पवित्र स्थलों से गुजरते हैं। कई श्रद्धालु इस परिक्रमा को दंडवत रूप से पूरा करते हैं, जिसे सबसे कठिन माना जाता है। भक्त गोवर्धन महाराज के भजन गाते हुए और जयकारों के साथ परिक्रमा संपन्न करते हैं।
Odisha Police: नक्सल प्रभावित जिलों में ओडिशा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ₹2,700 करोड़ का गांजा ज़ब्त









