President Ayodhya Visit: राष्ट्रपति मुर्मु का अयोध्या दौरा, श्रीराम नाम मंदिर और स्वर्ण पट्टिका पूजन की पूरी जानकारी

अयोध्या में हिंदी नववर्ष और वासंतिक नवरात्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राम मंदिर में विशेष पूजन करेंगी। वह कांची कामकोटि पीठ द्वारा प्रदत्त 'श्रीराम यंत्र' की स्थापना और अनुष्ठान की पूर्णाहुति में भाग लेंगी। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी उपस्थित रहेंगे।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 19, 2026

President Ayodhya Visit: चैत्र मास के वासंतिक नवरात्र और हिंदी नववर्ष के मंगलकारी प्रथम दिन अयोध्या की पावन धरा एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनने जा रही है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पधार रही हैं। उनका यह आगमन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ‘श्रीराम नाम मंदिर’ और ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना के अनुष्ठान की पूर्णाहुति के रूप में भी देखा जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस विशिष्ट आयोजन के लिए सभी व्यापक प्रबंध पूर्ण कर लिए हैं।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल

बताते चले कि, महामहिम राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ट्रस्ट के निर्णय के अनुसार, दर्शनार्थियों के सामान्य पास अस्थायी रूप से स्थगित रहेंगे। आमंत्रित अतिथियों के लिए रंगमहल बैरियर का प्रवेश मार्ग आरक्षित किया गया है। हालांकि, आम श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए उनके दर्शन की प्रक्रिया निर्बाध चलती रहेगी; उन्हें बिड़ला धर्मशाला के सम्मुख स्थित ‘आदि गुरु रामानंदाचार्य द्वार’ से मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा।

अध्यात्म और भक्ति का संगम

अयोध्या के इस महोत्सव में आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु मां अमृतानंदमयी अपने 1100 से अधिक अनुयायियों के साथ राम नगरी पहुंच चुकी हैं। साथ ही, राम मंदिर आंदोलन और निधि संकलन अभियान से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ताओं का भी जमावड़ा शुरू हो गया है। कार्यक्रम की गरिमा को देखते हुए सभी अतिथियों को पूर्वाह्न 10 बजे तक अपना स्थान ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्धारित समय पर पूजन प्रक्रिया प्रारंभ हो सके।

राष्ट्रपति का मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम

महामहिम राष्ट्रपति का विमान पूर्वाह्न 11 बजे महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर उतरेगा। वहां से सड़क मार्ग द्वारा वे सीधे राम मंदिर परिसर पहुँचेंगी। मंदिर में प्रवेश करते ही वे ‘सप्त मंडपम’ में रामायण कालीन ऋषियों के दर्शन और माता शबरी का विशेष पूजन करेंगी। इसके पश्चात, रामलला के मुख्य विग्रह के दर्शन और प्रथम तल पर ‘राम परिवार’ की आरती उनके द्वारा संपन्न की जाएगी। वे मंदिर की दीवारों पर उकेरी गई भव्य भित्ति चित्रों का अवलोकन कर सभा को संबोधित भी करेंगी। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी मौजूद रहेंगे।

श्रीराम यंत्र की महत्ता और पंचधातु अनुष्ठान की पूर्णाहुति

राम मंदिर के द्वितीय तल पर ‘श्रीराम यंत्र’ और स्वर्ण-अंकित ‘श्रीराम नाम’ की रजत पट्टिका की स्थापना इस उत्सव का मुख्य आकर्षण है। कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य स्वामी विजयेन्द्र सरस्वती द्वारा प्रदत्त यह पंचधातु निर्मित यंत्र अत्यंत प्रभावशाली है। देशभर में रथयात्रा के माध्यम से अयोध्या पहुँचाए गए इस यंत्र की सात दिवसीय विशेष पूजा की पूर्णाहुति राष्ट्रपति द्वारा संपन्न किए जाने वाले हवन के साथ होगी।

राम नाम मंदिर की स्थापना

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि के अनुसार, मंदिर के दूसरे तल पर एक विशिष्ट ‘राम नाम मंदिर’ भी स्वरूप ले रहा है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस में ‘राम नाम’ को स्वयं प्रभु से भी बड़ा बताया गया है, इसी भावना को साकार करने के लिए चांदी की पट्टिका पर स्वर्ण से ‘श्रीराम’ अंकित किया गया है। इस पूरे अनुष्ठान के मुख्य यजमान डॉ. अनिल मिश्र और उनकी धर्मपत्नी रहे हैं। राष्ट्रपति महोदय मंदिर परिसर में ही प्रसाद ग्रहण करने के उपरांत अपराह्न तीन बजे वापस लौटेंगी।