President Draupadi Murmu Mathura Visit: प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचीं राष्ट्रपति, 27 मिनट तक हुई आध्यात्मिक चर्चा

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान कान्हा की नगरी वृंदावन पहुंचीं। इस आध्यात्मिक यात्रा के सबसे खास पल तब देखने को मिले जब महामहिम ने विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज से उनके 'राधा केली कुंज' आश्रम में मुलाकात की।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 20, 2026

President Draupadi Murmu Mathura Visit: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन दिनों उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय (19 मार्च से 21 मार्च 2026) ब्रज प्रवास पर हैं। अपने इस दौरे के दूसरे दिन, राष्ट्रपति ने वृंदावन स्थित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचकर प्रख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की। भक्ति और शक्ति के इस मिलन ने पूरे ब्रज क्षेत्र में हर्ष का माहौल पैदा कर दिया है। राष्ट्रपति के साथ उनका परिवार भी इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बना।

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आश्रम में भव्य स्वागत और आत्मीय मिलन

President Draupadi Murmu Mathura Visit
प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचीं राष्ट्रपति

जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महाराज जी के आश्रम पहुंचीं, तो स्वयं प्रेमानंद जी महाराज ने ‘राधे-राधे’ कहकर उनका आत्मीय स्वागत किया। आश्रम की परंपरा के अनुसार, महाराज जी के शिष्यों ने राष्ट्रपति को माला पहनाई और दुपट्टा भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान राष्ट्रपति को विशेष प्रसाद भी भेंट किया गया। राष्ट्रपति ने पूरी श्रद्धा के साथ महाराज जी का आशीर्वाद लिया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

27 मिनट की चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति और प्रेमानंद महाराज के बीच करीब 27 मिनट तक एकांत में बातचीत हुई। इस मुलाकात के दौरान चर्चा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

अध्यात्म और सेवा: दोनों के बीच समाज सेवा, अध्यात्म की शक्ति और जनकल्याण के विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

नाम जाप का महत्व: प्रेमानंद महाराज ने राष्ट्रपति को देवी-देवताओं के नाम जाप की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य के जीवन के उद्धार और मानसिक शांति का सबसे सरल मार्ग ‘नाम संकीर्तन’ ही है।

सात्विक जीवन: महाराज जी ने देश के सर्वोच्च पद पर आसीन राष्ट्रपति के सरल स्वभाव की सराहना की और उन्हें आध्यात्मिक पथ पर अडिग रहने की प्रेरणा दी।

सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम

राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल को देखते हुए पूरे वृंदावन को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। प्रमुख मंदिरों और रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात है।

बंदरों से सुरक्षा: वृंदावन की एक बड़ी समस्या बंदरों द्वारा चश्मा और सामान छीनना है। राष्ट्रपति की सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने बंदरों से बचाव के लिए एक विशेष ‘एंटी-मंकी’ टीम तैनात की है, ताकि सुरक्षा घेरे में कोई खलल न पड़े।

कैंसर ब्लॉक का उद्घाटन: अपने इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति रामकृष्ण मिशन में एक नए कैंसर ब्लॉक का उद्घाटन भी करेंगी, जो ब्रजवासियों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सौगात होगी।

राष्ट्रपति का दूसरा ब्रज दौरा

बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का वृंदावन का यह दूसरा आधिकारिक दौरा है। इससे पहले वे 25 सितंबर 2025 को बांके बिहारी मंदिर और निधिवन के दर्शन करने आई थीं। पिछली बार वे अकेली आई थीं, लेकिन इस बार उनका परिवार भी ब्रज की भक्ति का आनंद लेने उनके साथ पहुंचा है। प्रेमानंद महाराज से मिलने के बाद राष्ट्रपति प्रेम मंदिर और इस्कॉन मंदिर में भी दर्शन-पूजन करेंगी और गिर्राज जी की परिक्रमा में भी शामिल हो सकती हैं।

अध्यात्म और राष्ट्र का संगम

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा यह संदेश देता है कि राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर होने के बावजूद भारतीय संस्कृति और संतों के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा बनी हुई है। संत प्रेमानंद महाराज के साथ उनकी यह मुलाकात आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करने वाली रही।

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