राज्यसभा चुनाव की तैयारी तेज: महाराष्ट्र में 7 सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूल

 मुंबई महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, क्योंकि राज्य से सात राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना बुधवार को जारी कर दी गई है। सदस्यों के चुनाव के लिए 16 मार्च को होगा। इस बात की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर विलास अठवाले ने दी। उन्होंने बताया कि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 5 मार्च है। इसके बाद 6 मार्च को नामांकनों की जांच (स्क्रूटनी) होगी और 9 मार्च तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य इस चुनाव में मतदान करेंगे। राज्य से सात राज्यसभा सांसदों की अवधि अप्रैल में

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Published On :

मार्च 4, 2026

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 मुंबई

महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, क्योंकि राज्य से सात राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना बुधवार को जारी कर दी गई है। सदस्यों के चुनाव के लिए 16 मार्च को होगा। इस बात की जानकारी रिटर्निंग ऑफिसर विलास अठवाले ने दी। उन्होंने बताया कि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 5 मार्च है। इसके बाद 6 मार्च को नामांकनों की जांच (स्क्रूटनी) होगी और 9 मार्च तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं।

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य इस चुनाव में मतदान करेंगे। राज्य से सात राज्यसभा सांसदों की अवधि अप्रैल में समाप्त हो रही है, जिसमें एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी शामिल हैं। अभी तक पवार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे पुनः उम्मीदवार होंगे या नहीं। ऐसे में यदि आवश्यकता हुई, तो 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक विधान भवन में मतदान होगा और उसके बाद मतगणना की जाएगी।

राज्यसभा का चुनाव कैसे होता है?
राज्यसभा के सदस्य का चुनाव उस राज्य की विधानसभा के चुने हुए विधायक करते हैं, जिस राज्य से वह उम्मीदवार है। राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया लोकसभा और विधानसभा चुनाव से काफी अलग है, क्योंकि इस सदन के लिए मतदान सीधे जनता नहीं करती, बल्कि जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि करते हैं। राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल छह साल का होता है। राज्यसभा चुनावों के नतीजों के लिए एक फॉर्मूला भी तय किया गया है।

जीतने के लिए कितने वोट की जरूरत?
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के फॉर्मूला के हिसाब से यहां किसी उम्मीदवार को जिताने के लिए कम से कम 37 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के मुताबिक सत्ताधारी गठबंधन सात में छह सीटों  पर आसानी से जीत दर्ज कर सकता है। विपक्ष एकजुट नहीं होता तो सातवें उम्मीदवार के लिए मुकाबला रोचक हो सकता है।  

राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन में मिलकर काम करने का संकल्प लिया
भारत निर्वाचन आयोग और राज्य चुनाव आयोगों का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन मंगलवार 24 फरवरी 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में संपन्न हुआ। यह सम्मेलन 27 वर्षों के बाद आयोजित किया गया था और इसमें 30 राज्यों के राज्य चुनाव आयोगों ने भाग लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहे।

सम्मेलन में राज्य चुनाव आयुक्तों ने इस आयोजन की सराहना की और इसे सफल बताया। सभी ने हर साल ऐसे राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित करने का संकल्प लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में सभी ने राष्ट्रीय घोषणा 2026 को अपनाया। घोषणा में जोर दिया गया कि शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना लोकतंत्र की मजबूत नींव है और चुनावों का पारदर्शी तथा सुचारू संचालन लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत बनाता है।

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