बिहार में बाढ़ से बर्बाद खेतों को फिर खेती योग्य बनाने की तैयारी, किसानों को मिलेगी आर्थिक सहायता

पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में बाढ़ प्रभावित किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल सरकार ने बाढ़ की वजह से खेतों में जमी गाद, रेत और बालू से त्रस्त किसानों को सरकार ने राहत देने का फैसला किया है। इसके तहत पटना समेत प्रदेश के 22 जिलों के बाढ़ प्रभावित किसानों को सरकार कृषि योग्य भूमि और मत्स्य प्रक्षेत्रों पर जमा बालू, रेत एवं गाद हटाने के लिए सहायता राशि देगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित किसानों को उनकी जमीन को

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Published On :

अक्टूबर 27, 2026

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पटना
 मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में बाढ़ प्रभावित किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल सरकार ने बाढ़ की वजह से खेतों में जमी गाद, रेत और बालू से त्रस्त किसानों को सरकार ने राहत देने का फैसला किया है। इसके तहत पटना समेत प्रदेश के 22 जिलों के बाढ़ प्रभावित किसानों को सरकार कृषि योग्य भूमि और मत्स्य प्रक्षेत्रों पर जमा बालू, रेत एवं गाद हटाने के लिए सहायता राशि देगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित किसानों को उनकी जमीन को दोबारा खेती योग्य बनाने में सहायता करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रावधान के तहत संबंधित किसान को प्रति हेक्टेयर 18 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। साथ ही, प्रत्येक पात्र किसान को न्यूनतम 2200 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। इससे बाढ़ के बाद खेतों में बालू, रेत और गाद जमा होने के कारण हो रही दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी। सरकार की इस पहल से किसान अपनी जमीन को अगली फसल की बुआई के लिए तैयार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित 22 जिलों के जिलाधिकारियों को प्रभावित कृषि योग्य भूमि तथा मत्स्य प्रक्षेत्रों का स्थलीय सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।

सत्यापन के दौरान जमीन पर जमा बालू, रेत एवं गाद के जमाव का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर जिले की ओर से एसडीआरएफ या एनडीआरएफ के निर्धारित सहायता मानकों के तहत राशि की मांग करनी होगी। गौर हो कि इस साल गंगा, सोन, गंडक, कोसी सहित अन्य नदियों में आई बाढ़ का पानी उतरने के बाद खेतों में बालू, रेत एवं गाद जमा होने की समस्या सामने आयी है। इससे जमीन को दोबारा खेती के अनुकूल बनाने में किसानों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।

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लाखों किसानों को जगी उम्मीद
सरकार हर वर्ष बाढ़ प्रभावित इलाकों के किसानों को कृषि इनपुट अनुदान देती है। इस वर्ष भी अनुदान बांटे गए हैं। लेकिन, कृषि इनपुट अनुदान उन्हीं किसानों को मिलता है, जिनकी फसल को बाढ़ से क्षति पहुंची हो। उन किसानों की कोई मदद नहीं मिल पाती है, जिनके खेतों में रेत या गाद जमा हो जाती है। ऐसे किसानों को अब उम्मीद जगी है।

इन जिलों में आकलन
पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, अरवल, पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सुपौल एवं सहरसा।