Prateek Yadav Divorce Aparna Yadav News: समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव और भाजपा नेता अपर्णा यादव के बीच वैवाहिक विवाद अब सार्वजनिक हो गया है। लंबे समय से चल रही अनबन ने अब कानूनी अलगाव का रूप ले लिया है। प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस रिश्ते को खत्म करने का ऐलान कर दिया है, जिससे न केवल राजनीतिक गलियारों में बल्कि समर्थकों के बीच भी हलचल मच गई है।
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अपर्णा यादव के खिलाफ खोला मोर्चा
बताते चले कि, मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पत्नी अपर्णा यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रतीक ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे इस वैवाहिक संबंध विच्छेद (Marital Separation) की प्रक्रिया को जल्द ही अंतिम रूप देंगे। उन्होंने अपर्णा पर ‘स्वार्थी’ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी महत्वाकांक्षाओं ने परिवार की एकता को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। प्रतीक के अनुसार, जिस रिश्ते को दुनिया एक मिसाल मानती थी, उसकी बुनियाद अपर्णा की बेरुखी और निजी रसूख की चाहत ने हिलाकर रख दी है।
अपर्णा यादव पर तीखा हमला
आपको बता दे कि, प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव के व्यवहार पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें एक ‘स्वार्थी महिला’ करार दिया है। प्रतीक का आरोप है कि अपर्णा को केवल अपनी प्रसिद्धि, राजनीतिक करियर और सुर्खियों में बने रहने की चिंता है। उन्होंने भावुक होते हुए यहां तक कह दिया, “मैंने अपनी पूरी जिंदगी में इतनी बुरी आत्मा कभी नहीं देखी।” प्रतीक का मानना है कि अपर्णा ने अपने प्रभाव को बढ़ाने के चक्कर में घर की सुख-शांति और आपसी रिश्तों की गरिमा को दरकिनार कर दिया, जिसके कारण परिवार में दरार आ गई।
प्रतीक यादव की खराब मानसिक स्थिति और पत्नी की बेरुखी
अपने निजी दर्द को साझा करते हुए प्रतीक ने खुलासा किया कि वे पिछले काफी समय से गंभीर मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। प्रतीक ने दुख जताते हुए कहा कि जब उन्हें सबसे ज्यादा सहारे की जरूरत थी, तब उनकी पत्नी ने उनकी स्थिति को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि अपर्णा को उनके दुख या तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है। प्रतीक ने खुद को ‘दुर्भाग्यशाली’ बताते हुए कहा कि इस शादी में वे काफी समय से घुटन महसूस कर रहे थे और अब इस रिश्ते को और खींचना मुमकिन नहीं है।
रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अपर्णा यादव का सक्रिय राजनीति में होना और विशेषकर समाजवादी कुनबे से अलग होकर भाजपा (BJP) का दामन थामना भी इस दरार की एक बड़ी वजह हो सकती है। जहाँ प्रतीक यादव हमेशा से लाइमलाइट और राजनीति से दूर रहे, वहीं अपर्णा ने अपनी अलग पहचान बनाने के लिए कड़ा संघर्ष किया। प्रतीक का आरोप है कि अपर्णा के लिए परिवार से ऊपर उनका ‘नाम’ और ‘पद’ रहा है। अब देखना यह है कि मुलायम परिवार के अन्य सदस्य इस हाई-प्रोफाइल तलाक के मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।










