Bihar Politics : प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी पर साधा निशाना, नीतीश कुमार की जमकर तारीफ

बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर के ताजा बयान से नई चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की। आखिर पीके के इस बयान के पीछे क्या राजनीतिक रणनीति है और इससे बिहार की सियासत पर कितना असर पड़ेगा?

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Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 2, 2026

Bihar Politics :  बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के परिणाम 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। मतगणना से पहले ही राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रक्रिया और प्रशासन की भूमिका को लेकर राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए तथा प्रशासन को किसी भी राजनीतिक दल के प्रभाव में आकर काम नहीं करना चाहिए। चुनाव परिणाम से पहले उनके इन बयानों ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।

प्रशांत किशोर ने सरकार और प्रशासन पर उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान प्रशासन ने निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई। उनका कहना था कि कुछ अधिकारियों ने कथित रूप से सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम किया, जिससे चुनावी माहौल प्रभावित हुआ। उन्होंने विशेष रूप से पटना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके कुछ स्थानीय नेताओं को हिरासत में लिया गया और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

मतदान के दिन पुलिस कार्रवाई पर जताई आपत्ति

मतदान के दिन प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों और चुनावी एजेंटों को बिना स्पष्ट कारण हिरासत में लिया गया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई से उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को मतदान प्रक्रिया से दूर रखने की कोशिश की गई। इस दौरान पटना के गोलघर क्षेत्र में उनकी नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) ममता कल्याणी के साथ बहस भी हुई, जिसका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं। हालांकि पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा जाना बाकी है।

नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का आरोप

जन सुराज प्रमुख ने दावा किया कि मतदान से पहले उनकी पार्टी के 20 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को विभिन्न स्थानों से हिरासत में लिया गया। उनके अनुसार कई लोगों को देर रात उनके घरों से ले जाया गया, जबकि गिरफ्तारी के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले उन्हें अलग-अलग थानों में रखा गया और बाद में अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और मामले की आधिकारिक स्थिति संबंधित एजेंसियों द्वारा स्पष्ट की जानी बाकी है।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन बिना स्पष्ट आरोप और औपचारिक प्रक्रिया के किसी को हिरासत में रखना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होकर निष्पक्ष तरीके से कार्य करना चाहिए, ताकि सभी दलों को समान अवसर मिल सके। उनके अनुसार चुनाव आयोग और संबंधित एजेंसियों को ऐसे मामलों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

उपचुनाव में दर्ज हुआ 34.30 प्रतिशत मतदान

बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए गुरुवार को मतदान कराया गया, जिसमें कुल 34.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अब सभी राजनीतिक दलों की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं। परिणाम यह तय करेंगे कि इस महत्वपूर्ण सीट पर किस दल को जनता का समर्थन मिला है।

क्यों हुआ बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव

यह उपचुनाव सीट रिक्त होने के बाद कराया गया। इस सीट पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी, जन सुराज पार्टी और कांग्रेस समर्थित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) उम्मीदवार के बीच माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान सभी प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया और मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए व्यापक अभियान चलाया।

परिणामों पर टिकी सभी की नजर

अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता की निगाहें 3 अगस्त को घोषित होने वाले चुनाव परिणामों पर हैं। परिणाम यह स्पष्ट करेंगे कि बांकीपुर की जनता ने किस उम्मीदवार और किस राजनीतिक दल पर भरोसा जताया है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि उपचुनाव का यह परिणाम बिहार की आगामी राजनीतिक रणनीतियों और भविष्य के चुनावी समीकरणों पर कितना प्रभाव डालता है। मतगणना के बाद ही चुनाव के दौरान लगाए गए आरोपों और राजनीतिक दावों की दिशा भी अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

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