Prashant Kishor: बिहार की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। राजधानी पटना में बुधवार (22 जुलाई, 2026) को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों ने एक विशाल और उग्र प्रदर्शन किया। छात्रों के इस बड़े आंदोलन पर ‘जन सुराज’ के सूत्रधार और बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने अपनी पहली और बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रशांत किशोर ने छात्रों के गुस्से को पूरी तरह से जायज ठहराते हुए सूबे की मौजूदा व्यवस्था को इसके लिए जिम्मेदार माना है।
Bihar News: शिक्षकों के अवकाश नियमों में बदलाव, SOP जारी; निर्धारित फॉर्म के बिना नहीं मिलेगी छुट्टी
नौकरियों और प्रश्न पत्रों की हो रही है सौदेबाजी: प्रशांत किशोर
पटना की सड़कों पर उतरे छात्रों के जनसैलाब और उनके आक्रोश का समर्थन करते हुए प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार की नीतियों और प्रशासनिक विफलता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों के इस आंदोलन को वर्षों से सुलग रहे गुस्से का परिणाम बताया:
सालों से दबाया जा रहा था युवाओं का आक्रोश: प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में युवा और छात्र लंबे समय से व्यवस्था की मार झेल रहे हैं। उनके भीतर जो भारी गुस्सा और हताशा थी, उसे प्रशासनिक ताकतों के दम पर वर्षों से दबाया जा रहा था। आज जो सड़कों पर दिख रहा है, वह उसी दबे हुए गुस्से का विस्फोट है।
हर दो-चार महीने में लीक होता है पेपर: उन्होंने राज्य की परीक्षा प्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार के युवाओं ने पिछले कई साल से यह दर्दनाक मंजर देखा है कि यहाँ हर दो-चार महीने में कोई न कोई महत्वपूर्ण परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हो जाता है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इस रैकेट के पीछे बैठे असली बड़े गुनहगारों को कभी पकड़ा नहीं जाता।
बेची जा रही हैं नौकरियां: प्रशांत किशोर ने सीधा आरोप लगाया कि जो ईमानदार छात्र दिन-रात मेहनत करके परीक्षा देते हैं, उन्हें अंत में निराशा हाथ लगती है और नौकरी नहीं मिलती। इसके विपरीत, पर्दे के पीछे नौकरियां और प्रश्न पत्र धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। ऐसे में युवाओं का सब्र टूटना पूरी तरह स्वाभाविक था।
बीजेपी के ‘पैसा खर्च करने’ के आरोप पर पीके का करारा पलटवार
छात्रों के मुद्दे के साथ-साथ प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा उन पर लगाए गए राजनीतिक आरोपों का भी मुंहतोड़ जवाब दिया। दरअसल, बीजेपी ने आरोप लगाया था कि प्रशांत किशोर बांकीपुर सीट पर चुनाव जीतने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। इस पर पलटवार करते हुए पीके ने कहा:
दुनिया की सबसे अमीर पार्टी लगा रही इल्जाम: प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि आज देश की वो राजनीतिक पार्टी उन पर धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगा रही है, जो खुद देश और दुनिया में सबसे ज्यादा पैसा खर्च करने के लिए जानी जाती है। यह बेहद हास्यास्पद है।
जांच कराने की दी खुली चुनौती: उन्होंने सरकार और बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा, “जब देश का इलेक्शन कमीशन (चुनाव आयोग) उनका है, अदालतें उनकी हैं और शासन-प्रशासन भी उन्हीं का है, तो फिर वे केवल मीडिया में शिकायत करने क्यों जा रहे हैं? अगर उन्हें कोई संदेह है, तो वे तुरंत मेरे खिलाफ आधिकारिक जांच करा लें, मैं तैयार हूँ।”
‘हार के डर से चुनाव आयोग की शरण में गई है बीजेपी’
प्रशांत किशोर ने आगे बात करते हुए कहा कि बीजेपी के भीतर जन सुराज को लेकर एक गहरी घबराहट साफ देखी जा सकती है। उन्होंने इस पूरी स्थिति को एक राजनीतिक बदलाव के रूप में पेश किया:
घबराहट की कोई बात नहीं: पीके ने कहा कि अगर बीजेपी को लगता है कि हमने चुनाव नियमों का उल्लंघन किया है या कोई गलती की है, तो चुनाव आयोग को हमारे खिलाफ सख्त कार्रवाई करने दीजिए, इसमें किसी को कोई घबराहट नहीं होनी चाहिए।
अब बीजेपी की बारी है: उन्होंने अतीत का हवाला देते हुए कहा कि जब विपक्षी दल चुनाव आयोग के पास जाते थे, तो यही बीजेपी वाले कहते थे कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष हो रहे हैं और विपक्ष हारने के डर से बहाने बना रहा है। लेकिन आज पासा पलट चुका है। अब हमारी बारी है यह कहने की कि बीजेपी बांकीपुर और बिहार में अपनी संभावित हार के डर से कांप रही है, इसीलिए वे अब खुद चुनाव आयोग के पास शिकायतें लेकर दौड़ रहे हैं।
Bihar Politics: चारा घोटाला केस में सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को संजीवनी, बोले- ‘हां, मैं खुश हूं’










