Prashant Kishor On Cockroach Janta Party: कॉकरोच जनता पार्टी पर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, बांकीपुर चुनाव पर किया खुलासा

इंटरनेट पर तहलका मचाने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' के दो करोड़ समर्थकों पर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सरकार को बड़ी चेतावनी दी है; वहीं नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई बांकीपुर सीट पर पीके ने चुनाव लड़ने और बीजेपी को हराने का जो बड़ा दावा किया है, उसके पीछे की असली रणनीति क्या है? जानिए पूरा सच!

Prashant Kishor On Cockroach Janta Party

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 24, 2026

Prashant Kishor On Cockroach Janta Party:  इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janta Party) नाम का एक अनूठा अभियान तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। इस अनोखे ट्रेंड को लेकर जब चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) से सवाल किया गया, तो उन्होंने शनिवार, 23 मई 2026 को बिहार के झंझारपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया दी। प्रशांत किशोर ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर यह किसी व्यक्ति द्वारा शुरू किया गया एक ऑनलाइन डिजिटल कैंपेन (अभियान) प्रतीत होता है। इस पर देशव्यापी हल्ला और चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि बहुत ही कम समय में लगभग 20 मिलियन (2 करोड़) से अधिक लोगों ने इंस्टाग्राम पर जाकर इस मुहिम को फॉलो किया है, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है।

20 मिलियन लोगों का जुड़ना वर्तमान व्यवस्था के खिलाफ बड़े असंतोष का प्रतीक

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के वजूद पर बात करते हुए प्रशांत किशोर ने आगे कहा, “वर्तमान में आधिकारिक तौर पर धरातल पर ऐसा कोई राजनीतिक दल पंजीकृत नहीं है। इस कथित दल की न तो कोई लिखित नीति सामने आई है और न ही इसका मुख्य नेता कौन है, इसके बारे में किसी को कोई पुख्ता जानकारी है। लेकिन इसके डिजिटल प्रभाव को कम करके नहीं आंका जा सकता। अगर किसी एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 20 मिलियन लोग स्वेच्छा से आकर मौजूदा सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी बात रख रहे हैं, तो यह चुनी हुई लोकतान्त्रिक सरकार के लिए बेहद गंभीर और चिंता का विषय होना चाहिए। यह डिजिटल जनसैलाब साफ तौर पर दर्शाता है कि समाज का एक बहुत बड़ा शिक्षित वर्ग वर्तमान की प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था से किस कदर नाखुश और आंदोलित है।”

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ेगी जन सुराज, बीजेपी को हराने का किया दावा

झंझारपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडियाकर्मियों ने प्रशांत किशोर से बिहार की हॉट सीट माने जाने वाली बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को लेकर भी तीखे सवाल पूछे। बांकीपुर सीट से लंबे समय तक विधायक रहे नितिन नवीन के बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अब यह सीट खाली हो चुकी है और यहां उपचुनाव होना तय है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि खुद प्रशांत किशोर इस सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। इस कयासबाजी को खारिज करते हुए पीके ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज पार्टी अपना मजबूत प्रत्याशी उतारेगी, इस पर पूरी पार्टी के भीतर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। उन्होंने पुरजोर दावा करते हुए कहा कि आज की तारीख में बांकीपुर में अगर कोई राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधे मुकाबले में पटखनी दे सकता है, तो वह केवल जन सुराज ही है।

खुद चुनाव न लड़ने के सवाल पर पीके बोले- जिम्मेदारी उठाने के कई तरीके होते हैं

जब मीडिया ने प्रशांत किशोर से सीधा सवाल दागा कि आखिर वह खुद चुनाव क्यों नहीं लड़ना चाहते हैं, जबकि पिछले बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने चुनाव लड़ने से साफ मना कर दिया था? इस पर जन सुराज के मुख्य चेहरे ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “पार्टी और समाज के प्रति जिम्मेदारी उठाने के कई अलग-अलग और प्रभावी तरीके होते हैं। यह बिल्कुल भी आवश्यक नहीं है कि जो व्यक्ति संगठन की मुख्य जिम्मेदारी उठा रहा हो, वह अनिवार्य रूप से खुद चुनाव ही लड़े। पिछले चुनाव के वक्त समय की भारी बाध्यता और पूरे बिहार में संगठन विस्तार की बड़ी जिम्मेदारी को देखते हुए मैंने व्यक्तिगत रूप से चुनाव न लड़ने का फैसला लिया था। भविष्य में लोकतांत्रिक तरीके से पार्टी की कोर कमेटी जो भी निर्णय लेगी, उसे आगे देखा जाएगा।”

आश्रम में रहने के संकल्प को किया साफ, 20 नवंबर को की थी बड़ी घोषणा

इंटरव्यू के दौरान मीडिया ने एक और बड़ा सवाल उठाया कि क्या प्रशांत किशोर ने अब सक्रिय राजनीति से दूरी बनाकर किसी आश्रम में स्थाई रूप से रहना शुरू कर दिया है? इस भ्रांति को दूर करते हुए पीके ने कहा, “जब बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित हुए थे, तब हम सभी साथियों ने चंपारण के ऐतिहासिक भितिहरवा आश्रम में जाकर एक दिन का सामूहिक मौन उपवास रखा था। उस उपवास के समापन पर हमने सार्वजनिक घोषणा की थी कि नई सरकार के गठन के शुरुआती छह महीनों तक हम चुनाव की समीक्षा करेंगे और अपने संगठन को जमीनी स्तर पर पुनर्गठित करने में पूरा समय लगाएंगे। हमने यह भी संकल्प लिया था कि छह महीने का समय पूरा होने के बाद मैं पूरे राज्य में एक नया ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ शुरू करूंगा।”

जब तक बिहार की दशा नहीं बदलेगी, तब तक समाज के बीच आश्रम में ही रहूंगा

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए प्रशांत किशोर ने अपने रहने के स्थान को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, “मैंने 20 नवंबर 2025 को भितिहरवा की पवित्र धरती से यह कड़ा संकल्प लिया था कि जब तक बिहार की पूरी व्यवस्था में एक सकारात्मक और बड़ा बदलाव नहीं आ जाता, तब तक मैं किसी आलीशान व्यक्तिगत घर या किसी सरकारी आवासीय परिसर में कदम नहीं रखूंगा। मैं एक साधारण आश्रम में रहकर सीधे तौर पर समाज के शोषित और वंचित तबके के बीच समय बिताऊंगा। अपनी उसी घोषणा के ठीक छह महीने पूरे होने पर, यानी 20 मई को मैं इस आश्रम व्यवस्था में रहने के लिए आया हूं। यह कोई सन्यास नहीं, बल्कि बिहार को बदलने के लिए जनता के बीच रहकर काम करने की एक तपस्या है।”

राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के ब्रेक पर बोले पीके—रिश्ते मजबूत हैं, कोई राजनीतिक बदलाव नहीं

प्रेस वार्ता के अंतिम पड़ाव पर जब प्रशांत किशोर से पूछा गया कि जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने भी एक साल के लिए राजनीति से लंबा ब्रेक ले लिया है, तो क्या पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक है? इस पर पीके ने स्पष्ट किया कि मेरे आश्रम में रहने और उदय सिंह के ब्रेक लेने की बातें दो अलग-अलग विषय हैं। उन्होंने कहा, “उदय सिंह हमारे संगठन के सबसे वरीय और सम्मानित साथी हैं। उनके साथ मेरा राजनीतिक ही नहीं, बल्कि सगे भाइयों जैसा अटूट रिश्ता है।

वे आज भी पूरी मजबूती के साथ जन सुराज अभियान के साथ जुड़े हुए हैं। वर्तमान में भी हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ही हैं। उन्होंने पूरी तरह से अपने कुछ बेहद निजी और पारिवारिक कारणों की वजह से एक वर्ष के लिए सक्रिय राजनीति से अल्पकालिक ब्रेक लिया है, जो कि बिल्कुल स्वाभाविक है। लेकिन वे जन सुराज के सर्वोच्च पद पर बने हुए हैं और संगठन के नीतिगत फैसलों में शामिल हैं। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में कहीं कोई परिवर्तन या मतभेद नहीं हुआ है।”

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