Prashant Kishor in Bankipur By Poll: बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने खुद इस सीट से चुनावी मैदान में उतरकर मुकाबले को त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प बना दिया है। इसी बीच, जन सुराज पार्टी द्वारा आधिकारिक तौर पर जारी किए गए फॉर्म C-7 (क्रिमिनल एंटीसिडेंट्स फॉर्म) ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। इस कानूनी दस्तावेज के अनुसार, प्रशांत किशोर के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें उन पर कुल 31 अलग-अलग कानूनी धाराएं लगाई गई हैं।
मुकदमों की स्थिति और सजा का प्रावधान
बताते चले कि, प्रशांत किशोर के खिलाफ दर्ज इन मुकदमों के कानूनी पहलुओं पर नजर डालें तो अगर वे इन मामलों में अदालत द्वारा दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें अधिकतम 7 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी मामले में उनके खिलाफ आरोप तय नहीं हुए हैं और न ही वे किसी न्यायालय द्वारा दोषी (कन्विक्टेड) करार दिए गए हैं। यही वजह है कि वे बिना किसी कानूनी अड़चन के चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। अपने ऊपर दर्ज इन मुकदमों पर स्पष्टीकरण देते हुए प्रशांत किशोर ने साफ किया कि ये सभी मामले राजनीतिक विद्वेष और जनहित के मुद्दों पर किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों व आंदोलनों से जुड़े हैं, इनका किसी भी प्रकार के नैतिक पतन या गंभीर अपराध से कोई संबंध नहीं है।
साल 2024 और 2025 में बिहार के कई थानों में दर्ज की गई FIR
दस्तावेजों के मुताबिक, प्रशांत किशोर के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) का दायरा बिहार के कई जिलों तक फैला हुआ है। उनके खिलाफ ये आपराधिक मामले बेतिया, पटना के गांधी मैदान, मुजफ्फरपुर, पीरबहोर, सहरसा और सचिवालय थानों में दर्ज किए गए हैं। इनमें से 1 मामला साल 2024 में दर्ज हुआ था, जबकि शेष सभी 7 मुकदमे साल 2025 के दौरान राजनीतिक गतिविधियों और जन सुराज की पदयात्रा के समय दर्ज किए गए। पार्टी ने उनके नामांकन का बचाव करते हुए कहा है कि प्रशांत किशोर का संगठनात्मक अनुभव, नेतृत्व क्षमता और तीन साल की लंबी पदयात्रा के दौरान मिला अभूतपूर्व जनसमर्थन उन्हें बांकीपुर के विकास के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार बनाता है।
सियासी वार-पलटवार
चुनावी शंखनाद करते हुए बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक नितिन नवीन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि नितिन नवीन को जैसे ही संसद (लोकसभा) पहुंचने का पहला अवसर मिला, उन्होंने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को उनके हाल पर छोड़ दिया और सीट से इस्तीफा दे दिया। नितिन नवीन के सांसद बनने और सीट खाली करने के बाद ही इस क्षेत्र में उपचुनाव की नौबत आई है। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बांकीपुर की जनता इस बार अवसरवादी राजनीति को नकार कर जन सुराज के रूप में एक ईमानदार और मजबूत विकल्प को चुनेगी।










