Asian Games 2026 Golf : एशियन गेम्स में शनिवार का दिन भारतीय खेल इतिहास के लिए बेहद शानदार और गौरवशाली साबित हुआ। गोल्फ प्रतियोगिता में भारत को एक साथ दोहरी सफलता हासिल हुई है, जिससे पूरे देश में जश्न का माहौल है। देश की स्टार गोल्फर प्रणवी उर्स ने महिलाओं की व्यक्तिगत यानी इंडिविजुअल गोल्फ स्पर्धा में अपनी बेहतरीन खेल कला का प्रदर्शन करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक यानी गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस शानदार जीत से भारतीय खेल प्रेमियों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।
टीम इवेंट में जीता सिल्वर
व्यक्तिगत स्पर्धा के अलावा महिला टीम इवेंट में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक और नया इतिहास रचा। प्रणवी उर्स, जानी-मानी गोल्फर अदिति अशोक और दीक्षा डागर की तिकड़ी ने मिलकर भारत के लिए टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल हासिल किया। एशियाई खेलों के गोल्फ इतिहास में टीम इवेंट के तहत भारत का यह पहला ऐसा पदक है, जिसने देश की झोली को और समृद्ध कर दिया है। तीनों खिलाड़ियों का समन्वय और संघर्ष इस ऐतिहासिक सफलता की मुख्य वजह बना।
प्रणवी ने किया कमाल
मैसूर की रहने वाली 23 वर्षीय युवा गोल्फर प्रणवी उर्स ने फाइनल मुकाबले में अपने चारों राउंड का कड़ा कॉम्पिटिशन 15 अंडर पार के शानदार स्कोर पर समाप्त किया। हालांकि, खेल के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब तीसरे होल पर एक भयानक ट्रिपल बोगी की वजह से उनकी तीन स्ट्रोक की बढ़त पूरी तरह समाप्त हो गई थी, लेकिन उन्होंने दबाव में न आकर शानदार वापसी की और तीन बेहतरीन बर्डी लगाकर स्थिति संभाली। उन्होंने आखिरी होल पर पार बनाकर अपनी जीत पक्की की।
स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं
इस अद्भुत और ऐतिहासिक जीत के साथ ही प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में व्यक्तिगत गोल्फ स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली इतिहास की पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई हैं। इससे पहले साल 2002 में महान गोल्फर शिव कपूर ने यह उपलब्धि हासिल की थी। इस प्रकार प्रणवी 24 साल के लंबे अंतराल के बाद गोल्फ में देश के लिए व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि से महिला गोल्फ को देश में एक नई पहचान मिली है।
भारत ने टीम स्पर्धा में हासिल किया दूसरा स्थान
प्रणवी उर्स के साथ-साथ अदिति अशोक (जिन्होंने अंतिम दौर में बेहतरीन 67 का स्कोर बनाया) और दीक्षा डागर (अंतिम दौर में 77 का स्कोर) के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत टीम रजत पदक जीतने में सफल रहा। टीम मेडल के नियमों के तहत देश के दो सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के स्कोर को ध्यान में रखा जाता है। इस आधार पर भारत का कुल स्कोर 14-under 546 रहा, जो स्वर्ण पदक विजेता चीन (22-under 538) के ठीक पीछे रहा और भारत ने दूसरा स्थान हासिल किया।
भारतीय मेडल टैली में हुआ जबरदस्त इजाफा
इन ऐतिहासिक पदकों के जुड़ने के साथ ही एशियन गेम्स की पदक तालिका में भारत की स्थिति काफी मजबूत हो गई है। भारतीय दल अब मेडल टैली में शानदार प्रदर्शन करते हुए पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। भारत ने इन खेलों में अब तक कुल 18 स्वर्ण, 25 रजत और 35 कांस्य पदक सहित कुल 78 मेडल अपने नाम कर लिए हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भारत के खाते में और भी कई महत्वपूर्ण पदक जुड़ने की पूरी उम्मीद है।
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