Prabhas Mandal Encounter: पश्चिम बंगाल के चर्चित बरुईपुर रेप और मर्डर केस के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद उसकी मां का एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसने समाज और ममता के पारंपरिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। अपने बेटे की दरिंदगी और घिनौने अपराध से आहत मां ने ममता की दीवारों को गिराते हुए साफ शब्दों में कहा कि उसके बेटे ने जो किया वह बेहद गलत था, और उसे उसके कर्मों की सजा मिल चुकी है। मां ने मृत बेटे का शव तक लेने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है।
Andhra Pradesh Boat Accident: लापता 6 मछुआरों के मारे जाने की आशंका, नौसेना का सर्च ऑपरेशन बंद
सुबह-सुबह पुलिस ने दी मौत की खबर
प्रभास मंडल की मां ने मीडिया को आपबीती बताते हुए कहा कि बुधवार सुबह दो पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने ही परिवार को सूचना दी कि प्रभास पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मारा जा चुका है। पुलिसकर्मियों ने जब मां से पूछा कि क्या वह शव की शिनाख्त और कागजी कार्रवाई के लिए अस्पताल जाना चाहती हैं, तो मां का दोटूक जवाब था कि वह अस्पताल नहीं जाएंगी। उन्होंने इसके पीछे अपने पति की गंभीर बीमारी का हवाला दिया, लेकिन उनके लहजे में बेटे के कुकर्मों के प्रति गहरी नफरत और ग्लानी साफ झलक रही थी।
“जो सही समझे, वो करे पुलिस”
आरोपी की मां ने पुलिस और प्रशासन को पूरी छूट देते हुए कहा कि अब अधिकारी जो भी कानूनी रूप से सही समझें, वह कार्रवाई करें। उन्हें पुलिस की इस कार्रवाई या प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं है।
“मेरे बेटे ने अच्छा काम नहीं किया था। उसने समाज और उस मासूम के साथ बहुत गलत किया था। अब उसे उसके किए की सजा मिल चुकी है। जिसने इतना बड़ा पाप किया हो, उसके लिए मैं कोई मांग, अपील या हमदर्दी नहीं रख सकती।”
— प्रभास मंडल की मां
उन्होंने दृढ़ता से दोहराया कि वह अपने बेटे की बॉडी (शव) को स्वीकार करने अस्पताल नहीं जाएंगी और न ही उसके मृत शरीर को कभी अपने घर की चौखट के भीतर कदम रखने देंगी।
पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना मां का यह साहसिक कदम
गौरतलब है कि बरुईपुर में हुए इस वीभत्स बलात्कार और हत्याकांड ने पूरे पश्चिम बंगाल सहित देश को हिलाकर रख दिया था। घटना के बाद से ही स्थानीय जनता में भारी आक्रोश था और आरोपी को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की जा रही थी। इस बीच, पुलिस हिरासत या घेराबंदी से भागने की कोशिश के दौरान हुए एनकाउंटर में प्रभास मंडल की मौत हो गई।
आमतौर पर किसी भी अपराधी के मारे जाने पर मानवाधिकार या परिजनों की तरफ से पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन इस मामले में आरोपी की सगी मां का यह बयान कानून और समाज के पक्ष में एक बड़ा संदेश दे रहा है। मां ने स्पष्ट कहा कि कानून ने अपना काम किया है और उन्हें अपने बेटे की मौत को लेकर पुलिस या सरकार से किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं है। फिलहाल, यह बयान पूरे राज्य में चर्चा और बहस का मुख्य केंद्र बना हुआ है।










