Pope Leo on Donald Trump : इतिहास में पहली बार अमेरिका में जन्मे पोप लियो ने सेंट पीटर बेसिलिका में आयोजित शाम की प्रार्थना सभा के दौरान एक अत्यंत प्रभावशाली और साहसिक बयान दिया है। मानवता को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब दुनिया को स्वयं की और भौतिक धन (पैसे) की पूजा पूरी तरह बंद कर देनी चाहिए। पोप ने आध्यात्मिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि अहंकार और लालच ही वर्तमान वैश्विक संकटों की जड़ हैं। उनके इस संदेश को वर्तमान दौर की अनियंत्रित भौतिकवादी संस्कृति पर एक बड़े प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।
मध्य पूर्व संकट पर चिंता: शक्ति प्रदर्शन को बताया अकारण
प्रार्थना सभा के दौरान पोप लियो ने ईरान में जारी अमेरिका-इजरायल युद्ध जैसी विनाशकारी स्थितियों पर अपनी गहरी संवेदना और चिंता व्यक्त की। उन्होंने विश्व शक्तियों को चेतावनी देते हुए कहा कि देशों के बीच यह अकारण और अनावश्यक शक्ति प्रदर्शन अब समाप्त होना चाहिए। पोप ने जोर देकर कहा कि सैन्य श्रेष्ठता साबित करने की होड़ में मासूम जिंदगियों की बलि दी जा रही है, जो पूरी तरह अनैतिक है। उन्होंने सभी पक्षों से आग्रह किया कि वे हथियारों के बजाय संवाद का मार्ग चुनें और विश्व में शांति स्थापित करने के लिए ठोस प्रयास करें।
अमेरिकी नेतृत्व पर तंज: धार्मिक आधार पर युद्ध को ठहराया गलत
पोप लियो 14वें ने शनिवार को अपने कड़े लहजे से यह स्पष्ट कर दिया कि वह वैश्विक नेतृत्व की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके संदेश का इशारा सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप और शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों की ओर माना जा रहा है। उन्होंने उन नेताओं की कड़ी आलोचना की जो अपनी सैन्य श्रेष्ठता का अहंकार प्रदर्शित करते हैं और इस हिंसक संघर्ष को धार्मिक आधार पर उचित ठहराने की कोशिश करते हैं। पोप ने कहा कि “सर्वशक्तिमान” होने का यह भ्रम ही ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव को बढ़ा रहा है।
पाकिस्तान में ऐतिहासिक पहल: आमने-सामने बैठे अमेरिका और ईरान
एक तरफ जहां पोप शांति की अपील कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक मोर्चे पर एक बड़ी हलचल देखने को मिली। शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी में अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति वार्ता का आगाज हुआ। पाकिस्तान के सरकारी चैनल के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पश्चिम एशिया के गतिरोध को खत्म करने के लिए आमने-सामने बैठे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे थे, जबकि ईरान की ओर से भी शीर्ष वार्ताकार मौजूद रहे। इस बैठक को युद्धविराम की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
ऊर्जा संकट और शांति का उद्देश्य: जेडी वेंस और गालिबाफ के बीच चर्चा
इस वार्ता का प्राथमिक उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध को समाप्त कर एक स्थायी शांति समझौते की नींव रखना है। इस युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की आपूर्ति बुरी तरह बाधित हुई है, जिससे दुनिया भर में आर्थिक संकट के बादल मंडरा रहे हैं। अमेरिकी दल में जेडी वेंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर शामिल थे। दूसरी ओर, ईरानी दल का नेतृत्व मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने किया, जिसमें विदेश मंत्री अब्बास अराघची और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हिम्मती भी शामिल थे। पूरी दुनिया अब इस ऐतिहासिक बातचीत के परिणामों की प्रतीक्षा कर रही है।
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