Politics: खरगे ने मोदी पर साधा निशाना, कहा ट्रंप के दबाव में चल रही भारत की नीति

कर्नाटक के कलबुर्गी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार किया है। खरगे ने विवादित बयान देते हुए कहा कि पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'गुलाम' बनकर रह गए हैं और देश की विदेश नीति अब वाशिंगटन के दबाव में चल रही है।

Politics

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 9, 2026

Politics: कर्नाटक के कलबुर्गी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तानाशाह हैं और मोदी उनके दबाव में काम कर रहे हैं। खरगे ने यह भी कहा कि भारत की विदेश नीति और व्यापार नीतियां अब अमेरिका के अधीन चल रही हैं, जिससे देश और किसानों को नुकसान हो सकता है।

दतिया में बच्ची की छोटे भाई-बहनों के साथ खेलते समय साइलेंट अटैक से मौत

मोदी को बताया ट्रंप का गुलाम

Politics
Politics: खरगे ने मोदी पर साधा निशाना

खरगे ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ अन्याय कर रहा है और भारत को यह तय करने की स्वतंत्रता नहीं दी जा रही है कि वह तेल या पेट्रोल कहां से खरीदे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री खुद निर्णय ले पाएंगे या अमेरिका की अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा, “ट्रंप ने हमें तेल खरीदने के लिए 30 दिन का समय दिया है। यह 30 दिन किसने दिए? अमेरिका ने। ट्रंप तानाशाह हैं और मोदी उनके गुलाम बन गए हैं।”

खरगे ने इस बात पर जोर दिया कि देश की आर्थिक और राजनीतिक स्वतंत्रता अब अमेरिका के दबाव में सीमित हो गई है। उनका मानना है कि यह स्थिति भारतीय हितों के खिलाफ है और देश की संप्रभुता पर सवाल खड़ा करती है।

महात्मा गांधी और स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र

खरगे ने अपने बयान में महात्मा गांधी और स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अंग्रेजों के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी और बड़ी कुर्बानियों के बाद आजादी हासिल की। उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी ने अपने प्राणों की आहुति दी, लोगों को गोलियों का सामना करना पड़ा और कई शहीद हुए। इतनी बड़ी कुर्बानियों के बाद हमें आजादी मिली, लेकिन आज देश को फिर से गुलामी की ओर धकेला जा रहा है।” खरगे का यह बयान भारतीय जनता में विदेशी दबाव और आत्मनिर्भरता के महत्व को लेकर चर्चा का विषय बन गया।

मिडिल ईस्ट तनाव पर भी प्रतिक्रिया

कांग्रेस अध्यक्ष ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के नेता की हत्या से अंतरराष्ट्रीय शांति प्रभावित होती है। उन्होंने उल्लेख किया कि अगर अली खामेनेई जैसे नेता को निशाना बनाया जाता है, तो इसका वैश्विक कानून और स्थिरता पर गंभीर असर पड़ेगा।

खरगे ने अमेरिका के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि यह अहंकारी है और कई मामलों में अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहा है। उनका यह भी कहना था कि अमेरिका के दबाव के कारण भारत की निर्णय क्षमता सीमित हो रही है और देश की स्वायत्तता खतरे में पड़ रही है।

मल्लिकार्जुन खरगे का यह बयान न केवल राजनीतिक हलकों में बल्कि मीडिया और सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता की सुरक्षा पर चिंता जताई। उनका कहना है कि भारत को अमेरिका जैसे देशों के दबाव में नहीं आना चाहिए और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता बनाए रखनी चाहिए।

छोटा निवेश, बड़ा फायदा! पोस्ट ऑफिस स्कीम से मिलेगा ₹90 हजार तक ब्याज