शंकराचार्य मुद्दे पर सियासी घमासान, अखिलेश ने योगी सरकार को घेरा

लखनऊ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा सीएम योगी को लेकर दिए गए बयान से मैं सहमत हूं। राजधानी लखनऊ में पार्टी ऑफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कोई मुख्यमंत्री, जो अपने आप को योगी कह रहे हों, पूजनीय शंकराचार्य को लेकर ऐसा कह सकते हैं क्या? इतना व्यवहार खराब हो सकता है? अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि हम शंकराचार्य से 100 प्रतिशत सहमत हैं। रविवार को लखनऊ में आयोजित

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Published On :

फ़रवरी 15, 2026

लखनऊ
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा सीएम योगी को लेकर दिए गए बयान से मैं सहमत हूं। राजधानी लखनऊ में पार्टी ऑफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कोई मुख्यमंत्री, जो अपने आप को योगी कह रहे हों, पूजनीय शंकराचार्य को लेकर ऐसा कह सकते हैं क्या? इतना व्यवहार खराब हो सकता है? अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि हम शंकराचार्य से 100 प्रतिशत सहमत हैं।
रविवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिद्दीकी को सपा की सदस्यता ग्रहण कराई। उनके साथ उनकी पत्नी और 7 अन्य नेताओं ने भी रविवार को समाजवादी पार्टी का दामन थामा। नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। मायावती का साथ छोड़ने के बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की थी। पिछले महीने उन्होंने कांग्रेस से भी इस्तीफा दे दिया था।
सिद्दीकी ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अलग-अलग दलों में रहते हुए भी हमेशा मुलायम सिंह यादव से प्रभावित रहा। इसी तरह मैंने हमेशा अखिलेश यादव को ही अपना नेता माना।
पिछले महीने, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस्तीफा भेजकर पार्टी छोड़ने का कारण व्यक्तिगत बताया था। अपने लिखित इस्तीफा पत्र में सिद्दीकी ने कहा कि वे 'अपरिहार्य कारणों' से अपनी प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का त्याग कर रहे हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बसपा से की और मायावती सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला।

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