Weather Update : देशभर में एक बार फिर से मानसून की सक्रियता तेज हो गई है और इसकी चाल में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने आज यानी 7 सितंबर 2026 को देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन के प्रभावित होने की पूरी आशंका है।
पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) का गंभीर खतरा मंडरा रहा है, जबकि उत्तर और पूर्वी भारत की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, किसानों को भी अपनी फसलों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि तेज आंधी से खेतों में खड़ी फसलें गिर सकती हैं। इसके अलावा अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा और झारखंड के ऊपर से होते हुए पश्चिम बंगाल तक एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और अधिक बढ़ सकता है।
उत्तर-पश्चिम भारत
उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम की बात करें तो राजधानी दिल्ली में आज 7 सितंबर को आसमान में काले बादल छाए रहने और मध्यम बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना है। इस दौरान यहां 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में आज और आगामी 10 से 12 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ तूफान का दौर जारी रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज 7 सितंबर को, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 और 8 सितंबर के दौरान व्यापक स्तर पर भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कई हिस्सों में भी आज बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
मध्य भारत और छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज
मध्य भारत के मौसम में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में आज 7 सितंबर के दौरान, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 7-8 सितंबर और फिर 11-12 सितंबर के दौरान भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इसके अलावा विदर्भ क्षेत्र में 10 से 12 सितंबर के बीच झमाझम बारिश होने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ राज्य में 8 सितंबर से 12 सितंबर के दौरान व्यापक क्षेत्र में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने तथा कई जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्वी भारत और बिहार में मानसून का प्रकोप, वज्रपात और तूफान की आशंका
पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसून जमकर बरस रहा है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। गंगा के मैदानी इलाकों से सटे पश्चिम बंगाल में 7 से 10 सितंबर के बीच, झारखंड में 8 से 11 सितंबर के दौरान, और बिहार में आज 7 सितंबर को झमाझम बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। ओडिशा में भी 10 से 12 सितंबर के दौरान मौसम का मिजाज बिगड़ने और बारिश होने की पूरी संभावना है।
प्रमुख शहरों का तापमान
आज 7 सितंबर 2026 को देश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान का अनुमान इस प्रकार है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मुंबई में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। चेन्नई में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा। कोलकाता में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहेगा।
बिहार की राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाएगा। झारखंड के रांची में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा। मध्य प्रदेश के भोपाल में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। जयपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा। पहाड़ी पर्यटन स्थलों की बात करें तो शिमला में अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहेगा, जबकि नैनीताल में अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम भारत में मानसून का असर
पूर्वोत्तर भारत में 9 से 10 सितंबर के दौरान असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 7 से 12 सितंबर के दौरान व्यापक रूप से बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं, पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 7 से 12 सितंबर के दौरान अधिकतर स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ के कुछ हिस्सों में भी 7 से 12 सितंबर के दौरान छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
दक्षिण भारत और तटीय क्षेत्रों में बारिश
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 7 से 12 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। लक्षद्वीप में 7-8 सितंबर को छिटपुट बारिश के बाद 9 से 12 सितंबर के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश हो सकती है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 सितंबर के दौरान आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी है, जबकि 11-12 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। मौसम की इन गंभीर परिस्थितियों और तेज हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 11 सितंबर तक सोमालिया तट के पास, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य अरब सागर तथा ओमान तट के पास समुद्र में न जाएं। इसी प्रकार बंगाल की खाड़ी में 8 से 11 सितंबर के दौरान दक्षिण तमिलनाडु तट के पास मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका तट के पास समुद्र में जाने से बचने की सख्त चेतावनी जारी की गई है।










