UP राजनीति में हलचल: SIR ड्राफ्ट लिस्ट जारी होते ही BJP एक्टिव, 4 करोड़ वोटर बनाने की तैयारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत जारी हुई ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद भारतीय जनता पार्टी बेहद गंभीर हो गई है। भाजपा ने एक महीने में चार करोड़ नए मतदाता बनाने का लक्ष्य रखा है और मुख्यमंत्री इस अभियान को लेकर खासे सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश में मंगलवार को एसआईआर के तहत जारी ड्राफ्ट लिस्ट में बड़ी संख्या में वोटर कम होने के बाद भाजपा अब वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की मुहिम में लगी है। ड्राफ्ट लिस्ट में 2.89 करोड़ वोटर के नाम कटे हैं। भाजपा एक महीने में चार करोड़ नए

Wrriten By :

Editor

Published On :

जनवरी 9, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत जारी हुई ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद भारतीय जनता पार्टी बेहद गंभीर हो गई है। भाजपा ने एक महीने में चार करोड़ नए मतदाता बनाने का लक्ष्य रखा है और मुख्यमंत्री इस अभियान को लेकर खासे सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश में मंगलवार को एसआईआर के तहत जारी ड्राफ्ट लिस्ट में बड़ी संख्या में वोटर कम होने के बाद भाजपा अब वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की मुहिम में लगी है। ड्राफ्ट लिस्ट में 2.89 करोड़ वोटर के नाम कटे हैं। भाजपा एक महीने में चार करोड़ नए वोटर बनाने की कोशिश में है।
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पूरे मंत्रिमंडल को दी वोटर लिस्ट में नए सदस्य जुड़वाने की जिम्मेदारी दी है। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में मोर्चे पर जम जाने की जिम्मेदारी दी है। मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में जमीनी हकीकत जाननी होगी और ड्राफ्ट लिस्ट में मतदाताओं के नाम जुड़वाने का प्रयास करना होगा।

मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल में सहयोगियों को जमीन पर उतरने के साथ पात्र और अपात्र लोगों की पड़ताल करने का निर्देश दिया है। मानना है कि सूची में अपात्र लोगों को पात्र बनने की प्रक्रिया से भी अवगत कराना सरकार की जिम्मेदारी है। पात्र लोगों की पड़ताल कर उनका नाम भी सूची में जारी कराया जाए। मंत्रियों को उनके प्रभार के जिलों में जिम्मा दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीर बताते हुए संगठन को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी ने विधायकों और सांसदों से वोटर लिस्ट सुधार पर पूरा ध्यान देने को कहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के सभी मंत्रियों, विधायकों, पार्टी के पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों के साथ वर्चुअल मीटिंग की और कहा कि एक महीने में हर विधानसभा में कम से कम एक लाख वोट बढ़ाया जाए, इस तरह कम से कम चार करोड़ नए वोटर बन जाएंगे। मीटिंग में कहा गया कि नई ड्राफ्ट लिस्ट के मुताबिक, यूपी में 46.23 लाख वोटर की मृत्यु हो चुकी है। पार्टी के मंत्री, विधायक, नेता, कार्यकर्ता इन सभी की दुबारा जांच करें और देखें कि इस लिस्ट में कोई गड़बड़ी तो नहीं है। वर्चुअल मीटिंग में सभी मंत्रियों को भी बूथ में बैठने को कहा गया है। उनके साथ इस बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी के सभी राज्य मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, एमएलसी, पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के बैठक में निर्देश दिया है कि वे पूरी तरह वोटर लिस्ट के काम में जुटें।  विधानसभा की सभी कमेटियों की बैठकें रद करने को कहा गया है, जिससे कि सभी मतदाता बनाने के काम में लगें। पार्टी का फोकस तीन प्रमुख वर्गों पर रखा गया है। पहला तो नए युवा मतदाता जो उम्र पूरी होने के बावजूद अब तक वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं। दूसरा, वे वे मतदाता जिनके नाम दस्तावेजों की कमी या तकनीकी त्रुटियों के कारण सूची से हट गए हैं। तीसरा, ऐसे मतदाता जिनका पता सत्यापन के दौरान नहीं मिल पाया या जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी।

लखनऊ में सबसे ज्यादा कटे वोट
लखनऊ में सबसे ज्यादा 30 फीसदी वोट कम हुआ है। यहां 12 लाख से अधिक वोट कटे हैं। लखनऊ में सभी नौ विधानसभा सीट पर वोटर ड्राफ्ट लिस्ट की फोटो कॉपी निकाली गई है और पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए वोटरों की तलाश कर रहे हैं। जिला अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी का कहना है कि जो लोग लखनऊ में रहते हैं, लेकिन वोटर लिस्ट में गांव में नाम लिखवाया है, उन्हें समझाया जा रहा है। बहुत सारे लोगों ने लापरवाही में फॉर्म जमा नहीं किए हैं। उनसे फॉर्म 6 भरवाया जा रहा है। लखनऊ कैंट क्षेत्र में पार्षद अपनी टीम के साथ घर-घर जाकर नए वोटरों को जोड़ने में जुटे हैं। उनकी टीम के पास ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की कॉपी है। ये घर-घर जाकर छूटे हुए वोटरों की तलाश कर रहे हैं।

प्रदेश के कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में एसआइआर के तहत दो करोड़ 88 लाख 75 हजार 230 ऐसे हैं जो अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट हैं। 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे हैं, जिनके रिकार्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं मिले हैं। अब इनको मतदाता बनाने का प्रयास होगा। चुनाव आयोग अब इन्हें नोटिस जारी करेगा।

 

Leave a Comment

2