PMO New Address: साउथ ब्लॉक का युग समाप्त, जानिए कैसा है पीएम मोदी का नया ऑफिस ‘सेवा तीर्थ’

ऐतिहासिक! 1947 के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक की दहलीज लांघकर नए अत्याधुनिक 'सेवा तीर्थ' परिसर में प्रवेश कर रहा है। मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर पीएम मोदी इस नए दफ्तर से कार्यभार संभालेंगे। आखिर क्या है 'सेवा तीर्थ' के भीतर का रहस्य और क्यों इसे बनाया गया इतना सुरक्षित?

PMO New Address:

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 12, 2026

PMO New Address: भारत की आज़ादी के 78 साल बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अपने पारंपरिक पते साउथ ब्लॉक से स्थानांतरित होने जा रहा है। यह बदलाव केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय अब नई दिल्ली स्थित सेंट्रल विस्टा के ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ में काम करेगा। इस ऐतिहासिक बदलाव की जानकारी अगस्त 2025 में सार्वजनिक की गई थी।

इस महीने के अंत तक शिफ्ट हो सकते हैं पीएम मोदी

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने के अंत तक नए कार्यालय में काम करना शुरू कर सकते हैं। नए पीएमओ भवन में प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा, तकनीकी ढांचा और स्टाफ से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि स्थानांतरण के बाद कामकाज में किसी तरह की बाधा न आए।

‘सेवातीर्थ’ नाम से जाना जाएगा नया परिसर

प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर का नाम ‘सेवातीर्थ’ रखा गया है। यह नाम सरकार की “पब्लिक सर्विस” यानी जनसेवा की भावना को दर्शाता है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह नाम यह संदेश देने के लिए चुना गया है कि शासन का केंद्र बिंदु जनता की सेवा है। ‘सेवातीर्थ’ को प्रशासनिक पारदर्शिता और आधुनिक कार्यसंस्कृति का प्रतीक माना जा रहा है।

एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव की तीन प्रमुख इमारतें

रायसीना हिल के पास बने ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ में कुल तीन प्रमुख इमारतें हैं। इनमें से पहली इमारत ‘सेवातीर्थ-1’ प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए निर्धारित की गई है। दूसरी इमारत ‘सेवातीर्थ-2’ कैबिनेट सेक्रेटेरिएट के लिए होगी, जबकि तीसरी इमारत ‘सेवातीर्थ-3’ में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का कार्यालय स्थापित किया गया है। इस तरह देश की शीर्ष प्रशासनिक और सुरक्षा इकाइयां एक ही परिसर में काम करेंगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया पीएमओ

नया प्रधानमंत्री कार्यालय अत्याधुनिक तकनीक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत सुरक्षा व्यवस्था से सुसज्जित होगा। यहां पर्यावरण के अनुकूल निर्माण, ऊर्जा दक्षता और स्मार्ट ऑफिस सिस्टम पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसका उद्देश्य न केवल प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक आधुनिक शासन प्रणाली को भी स्थापित करना है।

साउथ और नॉर्थ ब्लॉक का बदलेगा स्वरूप

सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक को खाली करने के बाद उन्हें संग्रहालय में बदला जाएगा। इन ऐतिहासिक इमारतों को ‘युग युगीन भारत संग्रहालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए नेशनल म्यूज़ियम और फ्रांस की म्यूज़ी डे फ्रांस संस्था के बीच एक समझौता भी किया गया है।

भारत की विरासत को दिखाएगा नया संग्रहालय

प्रस्तावित संग्रहालय में भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सभ्यतागत विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें देश के अतीत की झलक, वर्तमान की उपलब्धियां और भविष्य की आकांक्षाओं को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह संग्रहालय न केवल भारतीयों के लिए, बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।

ऐतिहासिक बदलाव की ओर बढ़ता भारत

प्रधानमंत्री कार्यालय का स्थानांतरण केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि नए भारत की सोच का प्रतीक माना जा रहा है। यह कदम आधुनिकता, दक्षता और जनसेवा के मूल्यों को केंद्र में रखकर लिया गया है। आने वाले समय में ‘सेवातीर्थ’ भारत की प्रशासनिक व्यवस्था का नया केंद्र बनकर उभरेगा।