PM Modi Sweden Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के तीसरे चरण में रविवार शाम स्वीडन पहुंचे। नीदरलैंड दौरे के बाद जब उनका विमान स्वीडन के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, तो स्वीडिश ग्रिपेन लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया। गोथेनबर्ग एयरपोर्ट पर स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
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द्विपक्षीय वार्ता और सहयोग
मोदी की दो दिवसीय यात्रा के दौरान वे अपने स्वीडिश समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता भारत और स्वीडन के बीच व्यापार, हरित परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नई तकनीक, स्टार्टअप्स, सप्लाई चेन, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु परिवर्तन और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।
यूरोपीय उद्योग मंच को संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री संयुक्त रूप से यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मौजूद रहेंगी। यह मंच यूरोप के बड़े उद्योग समूहों का प्रमुख व्यापारिक मंच माना जाता है।
नीदरलैंड यात्रा का सार
स्वीडन रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड की दो दिवसीय यात्रा पूरी की। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई।
रिश्तों को मिली नई गति
मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी नीदरलैंड यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती मिली है। दोनों देशों ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाते हुए जल संसाधन, सेमीकंडक्टर, नवाचार, रक्षा और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री रॉब जेटन को गर्मजोशी से स्वागत और विदाई देने के लिए धन्यवाद भी दिया।
अफ्सलाउटडाइक डैम का दौरा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने डच समकक्ष के साथ प्रसिद्ध अफ्सलाउटडाइक डैम का दौरा किया। इस दौरान जल प्रबंधन और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। यह यात्रा गुजरात के कल्पसर प्रोजेक्ट के लिए भी अहम मानी जा रही है, जिसके तहत खंभात की खाड़ी पर 30 किलोमीटर लंबा बांध बनाकर विशाल जलाशय तैयार करने की योजना है।
निवेश का निमंत्रण
मोदी और उनके डच समकक्ष ने ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीक क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के सीईओ से मुलाकात की। मोदी ने उन्हें भारत में समुद्री बुनियादी ढांचा, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश के अवसर तलाशने का निमंत्रण दिया।
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