PM Modi US Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस साल के अंत में अमेरिका दौरा सुर्खियों में है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में वाशिंगटन में आयोजित ‘यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम’ (USISPF) समिट के दौरान इस यात्रा के संकेत दिए हैं। दिसंबर में मियामी में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की संभावित अमेरिकी यात्रा दोनों देशों के बीच भविष्य के कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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मोदी और ट्रंप
अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच की गहरी व्यक्तिगत केमेस्ट्री पर एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि एक बार ट्रंप ने बैकस्टेज मोदी को फोन लगाने की इच्छा जताई। जब गोर ने समय का हवाला देते हुए कहा कि भारत में अभी सुबह के 6 बज रहे हैं, तो ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा, “वो मेरी तरह हैं, सोते नहीं हैं!” यह घटना दोनों नेताओं के बीच के उस आपसी तालमेल को दर्शाती है, जो कूटनीति के औपचारिक दायरे से परे एक भरोसेमंद मित्रता में बदल चुका है। ट्रंप प्रशासन इसी व्यक्तिगत केमिस्ट्री का लाभ उठाकर द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा देना चाहता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?
विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप का पीएम मोदी को व्हाइट हाउस आमंत्रित करने के पीछे कई रणनीतिक कारण हैं:
वैश्विक चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण: यूक्रेन संकट, मध्य-पूर्व में तनाव और हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता को संतुलित करने के लिए अमेरिका और भारत का सहयोग अनिवार्य है। ट्रंप चाहते हैं कि भारत के साथ मिलकर इन जटिल वैश्विक मुद्दों का समाधान निकाला जाए।
रणनीतिक रक्षा सौदे: ट्रंप प्रशासन भारत के साथ रक्षा क्षेत्र में सीधे और ठोस समझौते करने का इच्छुक है।
व्यापारिक जटिलताएं और समाधान: एच-1बी वीजा नीतियों और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर ट्रंप सरकार भारत के साथ एक नई शुरुआत करना चाहती है।
ट्रेड डील और राष्ट्रपति ट्रंप का भारत दौरा
अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका के बीच चल रही ‘अंतरिम व्यापार डील’ (Interim Trade Deal) के बारे में सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि हजारों उत्पादों से जुड़ी यह एक जटिल कानूनी प्रक्रिया है, लेकिन बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है और इसे जल्द ही फाइनल किया जा सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण संकेत राष्ट्रपति ट्रंप के भारत दौरे को लेकर मिला है। हालांकि, वर्तमान में अमेरिका में मिडटर्म चुनावों की व्यस्तता के कारण ट्रंप का इस साल आना कठिन है, लेकिन राजदूत के संकेतों के अनुसार, अगले साल यानी 2027 में उनके भारत आने की प्रबल संभावना है।
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