PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 22 फरवरी को ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में खेल और तकनीकी क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने खास तौर पर AI समिट 2026 और भारतीय खिलाड़ियों की विदेश टीमों में उपलब्धियों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि इस समिट ने दुनिया को भारत की अद्भुत क्षमताओं से परिचित कराया, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में।
भारत की AI उपलब्धियां और मेड इन इंडिया मॉडल

पीएम मोदी ने बताया कि इस साल की AI समिट में भारत ने तीन मेड इन इंडिया AI मॉडल लॉन्च किए हैं। उन्होंने कहा कि यह अब तक की सबसे बड़ी AI समिट रही है। प्रधानमंत्री ने दो प्रमुख उत्पादों का उदाहरण देते हुए बताया, जिन्होंने दुनियाभर के नेताओं को प्रभावित किया।
पहला उत्पाद अमूल के बूथ पर पेश किया गया। इसमें दिखाया गया कि कैसे AI तकनीक जानवरों का इलाज करने में मदद कर रही है। 24×7 AI असिस्टेंट की मदद से किसान अपनी डेयरी और जानवरों का हिसाब-किताब रख सकते हैं। पीएम मोदी ने इसे किसान और पशुपालन क्षेत्र में तकनीकी क्रांति का उदाहरण बताया।
दूसरा उत्पाद भारत की संस्कृति और प्राचीन ज्ञान से जुड़ा था। AI की मदद से प्राचीन ग्रंथों, पांडुलिपियों और ज्ञान को संरक्षित कर वर्तमान पीढ़ी के अनुरूप ढाला जा रहा है। इस पहल ने दुनियाभर के नेताओं को आश्चर्यचकित कर दिया।
खेल में भारतीय मूल के खिलाड़ी विदेश टीमों में
पीएम मोदी ने T20 वर्ल्ड कप 2026 का जिक्र करते हुए कहा कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्कृतियों और देशों को जोड़ने का माध्यम भी है। उन्होंने विदेशों की टीमों में भारतीय मूल के खिलाड़ियों के योगदान पर विशेष ध्यान दिया।
अमेरिका की टीम में कई खिलाड़ी भारत के घरेलू क्रिकेट से जुड़े रहे हैं। अमेरिकी टीम के कप्तान मोनांक पटेल गुजरात की Under-16 और Under-18 टीम के लिए खेल चुके हैं। इसके अलावा मुंबई के सौरभ, हरमीत सिंह, दिल्ली के मिलिंद कुमार जैसे खिलाड़ी भी अमेरिकी टीम में खेलते हैं।
ओमान की टीम में कई खिलाड़ी पहले भारत के अलग-अलग राज्यों से खेल चुके हैं, जैसे जतिंदर सिंह, विनायक शुक्ला, करन, जय और आशीष। इसके अलावा न्यूजीलैंड, UAE और इटली की टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी जगह बना रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ये खिलाड़ी अपने देश का गौरव बढ़ा रहे हैं और विदेशों के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
खेल और संस्कृति का समन्वय
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं है। यह संस्कृतियों, देशों और लोगों को जोड़ने का एक माध्यम भी है। उन्होंने विशेष रूप से उन खिलाड़ियों की तारीफ की, जिनकी जड़ें भारत में हैं और जो विदेशों की राष्ट्रीय टीमों में खेलते हुए भी भारतीय संस्कृति और मूल्यों से प्रेरित रहते हैं।
पीएम मोदी ने निष्कर्ष में कहा, “जो खेलता है, वही खिलता है…”, और खेल की यह भावना केवल जीत-हार तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह एक देश और संस्कृति के गौरव को भी सामने लाती है।
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