PM Modi Letter: राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों, विशेषकर युवाओं को लोकतंत्र से जोड़ने वाला एक प्रेरक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि मतदान केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह गर्व और उत्सव का विषय भी होना चाहिए। जब कोई युवा पहली बार वोट डालता है, तो उस क्षण को परिवार और समाज के साथ खुशी से मनाना चाहिए।
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लोकतंत्र का उत्सव और युवाओं की भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की ताकत मतदाताओं के हाथों में है। हर युवा का पहला मतदान अनुभव न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह राष्ट्र की दिशा तय करने वाला क्षण भी है। उन्होंने MY Bharat से जुड़े स्वयंसेवकों को पत्र लिखकर युवाओं के पहले मतदान अनुभव को यादगार बनाने की अपील की। उनका मानना है कि जब युवा मतदान को उत्सव की तरह मनाते हैं, तो लोकतंत्र के प्रति उनका जुड़ाव और सम्मान और गहरा होता है।
लोकतंत्र की जननी
प्रधानमंत्री ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र केवल जनसंख्या के कारण नहीं, बल्कि इसकी गहरी लोकतांत्रिक जड़ों के कारण है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत में पहले आम चुनाव 1951 में हुए थे और तब से हर चुनाव ने यह साबित किया है कि भारतीय लोकतंत्र लगातार मजबूत होता गया है। संवाद, बहस और जनभागीदारी सदियों से भारतीय समाज का हिस्सा रही हैं, और यही लोकतंत्र की असली ताकत है।
लोकतंत्र की आत्मा
मोदी ने कहा कि मतदाता लोकतंत्र की आत्मा होता है। उंगली पर लगने वाली अमिट स्याही केवल एक निशान नहीं, बल्कि यह इस बात का प्रतीक है कि नागरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। हर वोट देश की दिशा बदलने की शक्ति रखता है, इसलिए नागरिकों को अपने मताधिकार का समझदारी से उपयोग करना चाहिए।
जिम्मेदारी और अधिकार
प्रधानमंत्री ने मतदान को केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी बताया। उन्होंने कहा कि हर वोट देश के भविष्य को तय करने में अहम भूमिका निभाता है। विशेष रूप से पहली बार वोट डालने वाले युवाओं पर उन्होंने जोर दिया और कहा कि यह क्षण जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव होता है। इसे घर, मोहल्ले और समाज में खुशी के साथ मनाना चाहिए ताकि युवाओं में लोकतंत्र के प्रति सम्मान और जुड़ाव मजबूत हो।
शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका
मोदी ने स्कूलों और कॉलेजों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव तैयार करते हैं। यदि इन्हीं संस्थानों से युवाओं को मतदान और नागरिक जिम्मेदारियों का महत्व समझाया जाए, तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने शिक्षण संस्थानों को मतदाता पंजीकरण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का सुझाव दिया, ताकि कोई भी पात्र युवा मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
भारत का मतदान उत्साह और युवा सहभागिता
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय नागरिक चाहे पहाड़ों में रहते हों, द्वीपों पर हों या दूरदराज के इलाकों में, वे हर परिस्थिति में मतदान करते हैं। यही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि नारी शक्ति और युवा वर्ग की बढ़ती भागीदारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और सशक्त बना रही है।
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