
PM Modi Bihar Visit: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी बिहार दौरे को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में एनडीए के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे की रूपरेखा और अन्य राजनीतिक अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई।
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एनडीए सरकार का 1 साल पूरा होने पर PM मोदी का आगमन

बिहार में मौजूदा एनडीए सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष 20 नवंबर को पूरा होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर का जश्न मनाने के लिए 21 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री के स्वागत, सुरक्षा और कार्यक्रमों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अलावा, राज्य भर में चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता भगाओ’ आंदोलन की प्रगति और उसकी सफलता का भी आकलन किया गया। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने इस दौरे के दौरान बिहार को कई बड़ी विकास योजनाओं और सौगातों की घोषणा कर सकते हैं।
‘फेविकोल के जोड़ की तरह मजबूत है BJP-JDU गठबंधन’
एमएलसी (विधान परिषद) चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी और जेडीयू के रिश्तों को लेकर उठ रहे राजनीतिक सवालों पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने स्थिति साफ की। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे और चलाए जा रहे जन-आंदोलन दोनों की समीक्षा की गई है।
गठबंधन में खटास की खबरों को खारिज करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि बीजेपी और जेडीयू का रिश्ता ‘फेविकोल के जोड़’ की तरह बेहद मजबूत है और इसमें किसी तरह की दरार नहीं है।
जेडीयू ने भी दोहराया अटूट रिश्ते का दावा

संजय सरावगी के बयान का समर्थन करते हुए जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी कहा कि एनडीए सरकार का एक साल का सफल कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री का बिहार दौरा बेहद खास है।
उन्होंने भी बीजेपी-जेडीयू के गठबंधन को फेविकोल जैसा मजबूत बताया। एमएलसी चुनाव के नतीजों पर बोलते हुए उमेश कुशवाहा ने कहा कि पार्टी ने अपनी हार के कारणों की आंतरिक समीक्षा की है और आगे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है, हालांकि उन्होंने चुनावी रणनीति का सार्वजनिक रूप से खुलासा करने से इनकार कर दिया।
बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां तेज
प्रधानमंत्री के 21 नवंबर के प्रस्तावित दौरे और एनडीए सरकार की एक साल की उपलब्धियों को देखते हुए राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद सभी तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि प्रधानमंत्री के इस दौरे को भव्य और ऐतिहासिक बनाया जा सके।
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