PM Modi Trump Call: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस बातचीत को राष्ट्रपति ट्रंप ने सकारात्मक और उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी उनके मित्र हैं और दोनों नेताओं के बीच बातचीत बेहद सौहार्दपूर्ण रही। यह बातचीत उस समय हुई जब पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और विभिन्न देश इसे कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं।
भारत-अमेरिका संबंधों पर जोर
दोनों नेताओं ने अपनी बातचीत में भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने भी इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में प्रगति हुई है और भविष्य में साझेदारी को और विस्तार देने पर जोर दिया जाएगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर विशेष चर्चा

बातचीत का एक अहम हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा रहा। दोनों नेताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि यह समुद्री रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस पर जोर दिया कि यह मार्ग हमेशा खुला और सुरक्षित रहना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार निर्बाध रूप से चलता रहे। इस संदर्भ में क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखना भी प्रमुख मुद्दा रहा।
पश्चिम एशिया में युद्ध और युद्धविराम
इसी दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी कि इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब क्षेत्र में लंबे समय से संघर्ष और तनाव जारी है। इस संघर्ष में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच भी तनाव की स्थिति देखी जा रही है। लेबनान में इस युद्ध के कारण भारी नुकसान हुआ है और रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 2,200 लोगों की जान जा चुकी है।
हिज़्बुल्लाह की प्रतिक्रिया
लेबनान में सक्रिय संगठन हिज़्बुल्लाह ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार का युद्धविराम पूरे देश में लागू होना चाहिए। संगठन ने यह भी कहा कि इजरायल को किसी प्रकार की सैन्य छूट नहीं मिलनी चाहिए। इस बयान से क्षेत्र में शांति प्रक्रिया को लेकर नई जटिलताएं उत्पन्न होती दिख रही हैं।
पाकिस्तान की कूटनीतिक पहल
इसी बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने ईरान का दौरा किया और वहां के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस यात्रा का उद्देश्य क्षेत्र में तनाव कम करना और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत को पुनः शुरू कराने के प्रयासों को बढ़ावा देना बताया गया है।









