PM Modi The Hague Speech : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर गहराते आर्थिक संकट और लगातार बढ़ रही युद्ध की आशंकाओं को लेकर पूरी दुनिया को आगाह किया है। नीदरलैंड के हेग में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व कई गंभीर और अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रहा है। यदि इन हालातों पर जल्द ही काबू नहीं पाया गया, तो पिछले कुछ दशकों में दुनिया भर में गरीबी उन्मूलन और विकास के क्षेत्र में जो बड़ी सफलताएं हासिल की गई हैं, वे पूरी तरह से बेअसर हो सकती हैं। पीएम मोदी के मुताबिक, कोरोना महामारी, विभिन्न क्षेत्रों में जारी सैन्य संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट के त्रिकोण ने पूरी मानवता को एक विनाशकारी ‘आपदाओं के दशक’ की ओर धकेल दिया है।
महामारी से लेकर युद्ध और ऊर्जा संकट तक
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सिलसिलेवार ढंग से वैश्विक संकटों का विश्लेषण किया। उन्होंने कहा कि पहले पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी की मार से जूझ रही थी, और जैसे ही उससे उबरने की कोशिशें शुरू हुईं, विभिन्न क्षेत्रों में विनाशकारी युद्ध छिड़ गए। अब इन दोनों संकटों के बाद दुनिया के सामने एक नया और बड़ा ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। पीएम मोदी ने विशेष रूप से पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद पैदा हुए संवेदनशील हालातों की ओर इशारा किया। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि इन अंतरराष्ट्रीय विवादों का त्वरित समाधान नहीं निकाला गया, तो दुनिया की एक बहुत बड़ी आबादी दोबारा भयानक गरीबी और आर्थिक अस्थिरता के जाल में फंस जाएगी।
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगी आग
प्रधानमंत्री की यह गंभीर वैश्विक चेतावनी एक ऐसे समय में सामने आई है, जब खुद भारत भी इस अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट के सीधे असर से अछूता नहीं रहा है। लगभग चार साल के लंबे अंतराल के बाद, देश की सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में सीधे 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये और डीजल की कीमत 90.67 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गई है। इससे पहले हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में भी पीएम मोदी ने देशवासियों से बेहद संजीदगी के साथ ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) का अधिक से अधिक उपयोग करने और अपनी गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं को सीमित करने का पुरजोर आग्रह किया था।
वर्क फ्रॉम होम और कारपूलिंग अपनाने की सलाह
मौजूदा परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता को रोजमर्रा की जिंदगी में सादगी और कुछ व्यावहारिक बदलाव अपनाने के कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने कामकाजी पेशेवरों और कंपनियों से अपील की है कि जहां भी संभव हो, ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम करने) की व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने दफ्तर आने-जाने के लिए निजी वाहनों के बजाय कारपूलिंग करने और अपने दैनिक जीवन में फिजूलखर्ची को रोकने पर विशेष बल दिया है।
पीएम मोदी ने भावुक अपील करते हुए कहा कि संकट के इस दौर में देश के लिए ईंधन की खपत कम करना और विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा करना किसी बड़ी “देशभक्ति” से कम नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि जिस तरह कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम हमारी जीवनशैली का एक सामान्य हिस्सा बन गया था, ठीक वैसे ही व्यवहारिक बदलाव आज हमें इस बड़े वैश्विक संकट का डटकर मुकाबला करने में मदद कर सकते हैं।
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