Flydubai Attack : PM Modi ने कैप्टन स्मित माछर से की फोन पर बात, बोले- ‘पूरा देश आपके साथ’

फ्लाईदुबई विमान में को-पायलट के हमले के बाद भारतीय कैप्टन स्मित माछर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बातचीत की। PM मोदी ने उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ है। बातचीत का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों के बीच हुई चर्चा का अहम हिस्सा दिखाई देता है।

Flydubai Attack

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 2, 2026

Flydubai Attack : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित माछर से फोन पर बातचीत की और उनके साहस की जमकर तारीफ की। इस बातचीत का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि फ्लाइट के दौरान को-पायलट के हमले के बाद उन्होंने किस तरह मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया। पीएम मोदी ने कहा कि पूरे देश को उनके साहस पर गर्व है और भारत उनके स्वागत के लिए तैयार है।

स्मित ने बताया हमले के बाद क्या हुआ

प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित माछर ने उस खौफनाक घटना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि हमले के दौरान वह नीचे गिर चुके थे, लेकिन उन्हें लगातार यह एहसास हो रहा था कि अगर उन्होंने कुछ नहीं किया तो विमान में सवार सभी लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। स्मित ने बताया कि वह पिछले 17 वर्षों से विमान उड़ा रहे हैं और उन्हें पता था कि उस समय उन्हें तुरंत कुछ करना होगा।

विमान नीचे जा रहा था, फिर उठने का फैसला

स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि जब वह नीचे गिरे थे, उसी समय विमान भी नीचे की तरफ जा रहा था। उन्होंने कहा कि उन्हें महसूस हुआ कि यह उनके लिए आखिरी मौका है और उन्हें किसी भी हालत में उठकर कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कॉकपिट के दरवाजे की तरफ बढ़ने की कोशिश की, जबकि हमलावर लगातार उन पर हमला कर रहा था। स्मित ने कहा कि उस समय उनका एकमात्र उद्देश्य विमान में मौजूद लोगों को बचाना था।

मुश्किल वक्त में हनुमान चालीसा का सहारा

कैप्टन स्मित ने बातचीत में बताया कि वह कठिन परिस्थितियों में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से सुबह हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और मुश्किल समय में भी इससे उन्हें मानसिक मजबूती मिली। स्मित ने प्रधानमंत्री से कहा कि वह अपनी संस्कृति से दूर नहीं हैं और विदेश में होने के बावजूद खुद को देश और अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।

पीएम मोदी ने परिवार का भी किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित से कहा कि उन्होंने उनकी मां और पत्नी से भी बात की है। पीएम ने उनके परिवार की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि कठिन समय में भी वे बेहद साहस के साथ बात कर रही थीं। मोदी ने कहा कि स्मित ने अपने साहस और सूझबूझ से देश का नाम रोशन किया है और दुनियाभर के लोग उनसे मिलने तथा बातचीत करने के लिए उत्सुक हैं।

जल्द स्वस्थ होने की पीएम मोदी ने दी शुभकामना

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर के लोग कैप्टन स्मित के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत उनके स्वागत के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने सऊदी अरब सरकार का भी आभार जताया और कहा कि जरूरत पड़ने पर भारत सरकार हर संभव सहायता के लिए उनके साथ है।

स्मित के धैर्य की पीएम मोदी ने की तारीफ

प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि बेहद कम समय में उन्होंने धैर्य और सूझबूझ के साथ निर्णय लिया। पीएम के मुताबिक, उनके इस फैसले से विमान में सवार कई लोगों की जान बचाने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि भारतीयों की पहचान दूसरों की जान बचाने और मानव जीवन की रक्षा करने से है।

फ्लाईदुबई विमान में हुआ था चाकू से हमला

दरअसल, 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के अंदर चाकूबाजी की घटना हुई थी। बताया गया कि उड़ान के दौरान को-पायलट ने कैप्टन स्मित माछर पर चाकू से हमला किया। घटना के बाद विमान ने इमरजेंसी संदेश भेजा और उसकी ऊंचाई तेजी से कम हुई। विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबूक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज एयरपोर्ट पर उतारा गया।

स्मित माछर
स्मित माछर

विमान में 174 यात्री थे सवार

इस फ्लाइट में कुल 174 लोग सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। यात्रियों के मुताबिक, हमले के बाद कैप्टन स्मित खून से लथपथ दिखाई दे रहे थे। घटना के बाद यात्रियों और चालक दल के एक सदस्य ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। घटना के पीछे को-पायलट का वास्तविक मकसद क्या था, इसकी जांच की जा रही है।

स्मित की बहादुरी बनी चर्चा का विषय

फ्लाईदुबई विमान की इस घटना के बाद कैप्टन स्मित माछर के साहस और सूझबूझ की भारत सहित दुनियाभर में चर्चा हो रही है। गंभीर स्थिति में घायल होने के बावजूद विमान को सुरक्षित उतारने की कोशिश और यात्रियों की जान बचाने के लिए किए गए उनके प्रयासों की सराहना की जा रही है। पीएम मोदी से बातचीत के दौरान भी स्मित ने यही बताया कि उस वक्त वह अपनी जान के लिए लड़ने के साथ-साथ विमान में मौजूद बाकी लोगों को बचाने के लिए भी पूरी ताकत लगा रहे थे।

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