PM Modi at CSPOC: वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता कद! पीएम मोदी ने विविधता को बताया लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28वें सीएसपीओसी (CSPOC) सम्मेलन में भारतीय लोकतंत्र की अटूट शक्ति का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि कैसे भारत ने अपनी विशाल विविधता को कमजोरी के बजाय विकास की सबसे बड़ी ताकत बनाया है। इस दौरान पीएम ने 'ग्लोबल साउथ' की आवाज बुलंद करने और संसदीय कार्यों में AI व सोशल मीडिया की भूमिका पर भी जोर दिया।

PM Modi at CSPOC

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 15, 2026

PM Modi at CSPOC: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकर और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (28वें सीएसपीओसी) का उद्घाटन करते हुए वैश्विक मंच पर भारत की बदलती छवि और लोकतांत्रिक सुदृढ़ता का पुरजोर उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस विविधता पर दुनिया को संदेह था, आज वही भारत की प्रगति का आधार बनी है।

PM Modi New Office: ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट हुए पीएम मोदी, म्यूजियम में तब्दील होगा ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक

संदेह से सफलता तक का सफर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इतिहास को याद करते हुए कहा कि जब भारत स्वतंत्र हुआ था, तब वैश्विक स्तर पर कई विशेषज्ञों को इस विशाल और विविधतापूर्ण देश में लोकतंत्र की सफलता पर संदेह था। आलोचकों का मानना था कि इतनी भिन्नताओं के बीच लोकतांत्रिक ढांचा टिक नहीं पाएगा। प्रधानमंत्री ने इन धारणाओं को गलत साबित करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र एक विशाल ‘वटवृक्ष’ की तरह है, जिसकी जड़ें सदियों पुरानी परंपराओं में गहरी जमी हुई हैं। भारत में वाद-विवाद और सामूहिक निर्णय लेने की संस्कृति प्राचीन काल से चली आ रही है।

लोकतांत्रिक संस्थाओं ने दी अर्थव्यवस्था को नई गति

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत ने अपनी विविधता को कमजोरी के बजाय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत (Democratic Strength) में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि आज भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भी है। प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं ने देश के विकास को स्थिरता, व्यापकता और असाधारण गति प्रदान की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र का असली अर्थ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ पहुँचाना है।

ग्लोबल साउथ की बुलंद आवाज

सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) के हितों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत लगातार वैश्विक मंचों पर विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को मजबूती से उठा रहा है। जी20 की अध्यक्षता का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कैसे भारत ने वैश्विक एजेंडे के केंद्र में उन देशों को रखा जिनकी आवाज अक्सर अनसुनी रह जाती थी। राष्ट्रमंडल देशों के बीच भी भारत एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों में लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा मिल रहा है।

एआई और सोशल मीडिया की भूमिका

14 से 16 जनवरी तक संविधान सदन में आयोजित इस सम्मेलन में आधुनिक संसदीय चुनौतियों पर भी गहन मंथन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने चर्चा के प्रमुख विषयों का उल्लेख करते हुए बताया कि संसदीय कामकाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का उपयोग और सांसदों पर सोशल मीडिया का प्रभाव आज के समय की बड़ी सच्चाई है। सम्मेलन में इस बात पर विचार किया जा रहा है कि कैसे तकनीक के माध्यम से संसद की सार्वजनिक समझ को बढ़ाया जाए और मतदान के अलावा भी नागरिक भागीदारी (Citizen Engagement) को प्रोत्साहित किया जाए।

PM Modi Speech: विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग, पीएम मोदी का युवाओं को राष्ट्र निर्माण मंत्र, बताया 2047 का ‘महारथी’