PM Modi Somnath Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 10 जनवरी 2026 को गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने देश के प्राचीन और पवित्र तीर्थस्थलों में से एक सोमनाथ में गहरी श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। पीएम मोदी की यह यात्रा ऐतिहासिक महत्व रखती है, क्योंकि यह आयोजन सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत किया गया, जो मंदिर के गौरव और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में पीएम की सहभागिता
प्रधानमंत्री ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया। यह पर्व ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1,000 वर्ष पूरे होने की स्मृति में मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में वैदिक अनुष्ठान, धार्मिक आयोजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य भारत की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक चेतना को उजागर करना है।
भव्य ड्रोन शो ने बांधा समां
सोमनाथ मंदिर परिसर में आयोजित भव्य ड्रोन शो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अद्भुत दृश्य का अवलोकन किया। ड्रोन शो के दौरान आसमान में भगवान शिव, शिवलिंग और अन्य आध्यात्मिक प्रतीकों की विशाल आकृतियां उकेरी गईं। आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत इस शो ने श्रद्धा और नवाचार का अनोखा संगम प्रस्तुत किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
सोमनाथ मंदिर का 3डी दृश्यांकन
ड्रोन शो के दौरान सोमनाथ मंदिर का शानदार 3डी डिपिक्शन भी प्रस्तुत किया गया। इसमें मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला, उसका गौरवशाली अतीत और आध्यात्मिक महत्व को अत्यंत आकर्षक ढंग से दर्शाया गया। यह प्रस्तुति न केवल धार्मिक भावनाओं को प्रबल करने वाली थी, बल्कि युवाओं को भारत की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी एक प्रभावशाली माध्यम बनी।
ओंकार मंत्र के सामूहिक जाप में पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर में आयोजित ओंकार मंत्र के सामूहिक जाप में भी भाग लिया। मंदिर परिसर में गूंजते ओंकार मंत्रों के बीच आध्यात्मिक वातावरण अत्यंत भावपूर्ण हो गया। इस सामूहिक जाप में संतों, पुजारियों और श्रद्धालुओं ने एक साथ भाग लेकर भारत की सनातन परंपरा और आध्यात्मिक एकता का संदेश दिया।
हजार साल पुरानी स्मृति को समर्पित पर्व
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुरुआत 8 जनवरी को हुई थी और यह 11 जनवरी को संपन्न होगा। यह पर्व उस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है, जब सोमनाथ मंदिर पर पहला आक्रमण हुआ था। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल इतिहास की याद दिलाना है, बल्कि यह भी दर्शाना है कि तमाम आक्रमणों और विनाश के बावजूद सोमनाथ मंदिर भारत की आस्था, स्वाभिमान और पुनर्निर्माण की शक्ति का प्रतीक बना हुआ है।
आस्था, इतिहास और आधुनिकता का संगम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा आस्था, इतिहास और आधुनिक तकनीक के संगम का प्रतीक मानी जा रही है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि भारत अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है और अपनी ऐतिहासिक पहचान पर गर्व करता है।










