Maharashtra Politics: देश के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP SP) के मुखिया शरद पवार और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष व लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। 22 जुलाई, बुधवार को हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक की तस्वीरें सामने आने के बाद से ही कयासों का बाजार गर्म है। सूत्रों का दावा है कि बंद कमरे में हुई इस रणनीतिक चर्चा के दौरान देश के आगामी राजनीतिक परिदृश्य, परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) और हालिया विपक्षी प्रदर्शनों (CJP Protest) जैसे बेहद संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत हुई है। बीते कुछ दिनों से राकांपा (शरद चंद्र पवार) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पाले में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, ऐसे में इस मुलाकात ने नए सियासी समीकरणों को जन्म दे दिया है।
NDA सरकार के प्रस्ताव पर सुप्रिया सुले का बड़ा बयान
बताते चले कि, यह मुलाकात उन बयानों के तुरंत बाद सामने आई है, जिसमें सुप्रिया सुले ने परिसीमन बिल (Delimitation Bill) को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन को सशर्त समर्थन देने की बात कही थी। सुले ने स्पष्ट किया था कि यदि केंद्र सरकार देश के सभी राज्यों में समान रूप से 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का फॉर्मूला लाती है, तो उनकी पार्टी इस पर सकारात्मक रुख अपना सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा था कि वे इस मुद्दे पर सीधे कोई फैसला लेने से पहले अपने सहयोगी दलों यानी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के भीतर भी व्यापक आम सहमति बनाने की कोशिश करेंगी। इसी बयान की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बैठक को बेहद खास माना जा रहा है।
लोक कल्याण मार्ग पर हुए टकराव से गर्माया माहौल
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, संसद में हुई इस शिष्टाचार मुलाकात से ठीक एक दिन पहले, 21 जुलाई को शरद पवार और सुप्रिया सुले विपक्ष के सीजेपी (CJP) प्रदर्शन में शामिल हुए थे। सुप्रिया सुले ने तो दिल्ली पुलिस द्वारा प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) के बाहर शांतिपूर्ण धरना दे रहे विपक्षी नेताओं को जबरन हिरासत में लिए जाने पर गहरी आपत्ति जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक आधिकारिक बयान जारी कर सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए थे, जिससे यह साफ था कि जमीन पर दोनों खेमों के बीच तीखी राजनीतिक जंग चल रही है।
राहुल गांधी और विपक्षी दिग्गजों के साथ बदसलूकी का आरोप
अपने तीखे बयान में सुप्रिया सुले ने दिल्ली पुलिस के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि लोक कल्याण मार्ग पर लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों पर हुए बर्बर हमले का जवाब मांग रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ बदसलूकी की गई, उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिराया गया और घसीटा गया। सुले ने कहा था कि पुलिस ने राहुल गांधी के साथ-साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को हिरासत में लेने के लिए अत्यधिक बल प्रयोग किया। उन्होंने इसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए एक काला दिन बताते हुए कहा था कि विपक्ष देश के संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा और इस दमनकारी नीति के आगे नहीं झुकेगा।
PMO ने साझा की मुलाकात की तस्वीरें
तमाम विरोध प्रदर्शनों और तीखे बयानों के बीच, जब बुधवार को यह बैठक समाप्त हुई तो प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से इस मुलाकात की चार आधिकारिक तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं। पीएमओ ने पोस्ट में लिखा, “राज्यसभा सांसद शरद पवार जी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले जी ने आज संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।” राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार और देश के प्रधानमंत्री के बीच हुई इस बैठक के बाद राजनीतिक विश्लेषक महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इसके गहरे निहितार्थ तलाश रहे हैं, क्योंकि इस एक मुलाकात ने राज्य और देश की राजनीति में नए गठबंधनों की सुगबुगाहट को दोबारा जिंदा कर दिया है।










