Giorgia Meloni Congratulates PM Modi: भारतीय लोकतंत्र के सफर में बुधवार, 10 जून, 2026 का दिन एक अभूतपूर्व उपलब्धि का साक्षी बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के शीर्ष पद पर अपने सफल और निर्बाध 12 वर्षों का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इसके साथ ही, वे देश के अब तक के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले ‘निर्वाचित’ प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर को पार करते हुए उन्होंने देश की राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है।
पंडित नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए हासिल किया ऐतिहासिक कीर्तिमान
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को इस पद पर अपने लगातार 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं। इस आंकड़े के साथ ही उन्होंने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के ‘लोकतांत्रिक रूप से चुने जाने के बाद’ लगातार सर्वाधिक दिनों तक पद पर बने रहने के 4,398 दिनों के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके कुशल नेतृत्व का प्रमाण है, बल्कि भारत की संसदीय और चुनावी राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ को भी दर्शाती है।
इटली की PM मेलोनी ने दी खास बधाई
पीएम मोदी की इस ऐतिहासिक राजनीतिक कामयाबी पर दुनिया भर के नेताओं ने उन्हें बधाई दी है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपने बधाई संदेश में मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हाल ही में अपनी रोम यात्रा का स्मरण करते हुए दोनों देशों के बीच शुरू हुई ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ को भारत-इटली संबंधों के लिए एक सुखद और उज्ज्वल भविष्य का आधार बताया।
यूरोपीय संघ ने की दूरदर्शी नेतृत्व और विजनरी कूटनीति की सराहना
यूरोपीय परिषद के प्रमुख एंटोनियो कोस्टा ने भी पीएम मोदी को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच इस साल हुए ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी की ‘विजनरी लीडरशिप’ यानी दूरदर्शी नेतृत्व के कारण आज भारत और यूरोपीय संघ के द्विपक्षीय संबंध अब तक के सबसे मजबूत और प्रगाढ़ स्तर पर हैं। कोस्टा ने भविष्य में भी भारत के साथ अपनी गहरी दोस्ती और निरंतर सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी उत्सुकता जाहिर की।
भारत के राजनीतिक परिदृश्य में निरंतरता का नया युग
यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी की प्रशासनिक दक्षता और जन-समर्थन को रेखांकित करती है। एक निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर लगातार 12 वर्षों तक देश की कमान संभाले रखना भारतीय शासन व्यवस्था में एक बड़ी मिसाल है। यह कीर्तिमान न केवल उनकी कूटनीतिक सफलता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और उनके ‘विजनरी’ दृष्टिकोण पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के अटूट विश्वास का भी परिचायक है।










