PM Modi Speech: राज्यसभा में बुधवार को 37 सांसदो को कार्यकाल की समाप्ति पर विशेष विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए सांसदों के योगदान की सराहना की और राजनीति के महत्व पर अपने विचार शेयर किए। पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं होता, और यह जीवनभर सीखने और योगदान देने का क्षेत्र है।
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“सीखने और अनुभव का बड़ा मंच…” –पीएम मोदी
आपको बता दें कि, पीएम मोदी ने सदन को एक विशाल विश्वविद्यालय के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि सीखने का अवसर मिलता है। विदाई ले रहे सांसदों ने सदन में जो योगदान किया, वह न केवल संसदीय कार्यों के लिए बल्कि समाज और देश के लिए भी जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा, “सदन में शिक्षा और दीक्षा दोनों होती हैं। हर सांसद की भूमिका महत्वपूर्ण है। राजनीति में कभी फुलस्टॉप नहीं होता। जो अनुभव सदन में प्राप्त होते हैं, वे जीवनभर के लिए मार्गदर्शक बनते हैं।”
सदन में योगदान और अनुभव
प्रधानमंत्री ने रिटायर हो रहे सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में रास्ते में कई खट्टे-मीठे अनुभव आते हैं। लेकिन पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर सहयोग और समर्पण का भाव बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विदाई ले रहे सांसद समाज और सार्वजनिक जीवन में आगे भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। पीएम मोदी ने विशेष रूप से वरिष्ठ नेताओं जैसे एचडी देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खरगे और शरद पवार का उल्लेख किया और उनके लंबे संसदीय कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इतना लंबा कार्यकाल आसान नहीं होता, और इस दौरान समर्पण और जिम्मेदारी की भावना बनी रहनी चाहिए।
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राजनीति में रिटायरमेंट नहीं होता
पीएम मोदी के बाद कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सदन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में लोग कभी रिटायर नहीं होते। नेता थकते नहीं और न ही उनका अनुभव समाप्त होता है। खरगे ने अपने 54 साल के राजनीतिक अनुभव का उल्लेख किया और कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती।









