PM Modi in Rajya Sabha: “जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही खिलेगा”, पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा प्रहार और विकसित भारत का विज़न

राज्यसभा में हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को आईना दिखाते हुए विकास का बड़ा विज़न पेश किया। उन्होंने कांग्रेस की पुरानी नीतियों पर प्रहार करते हुए 'विकसित भारत 2047' का संकल्प दोहराया। विपक्ष की नारेबाजी के बीच मोदी ने ऐसा क्या कहा कि सत्ता पक्ष के सांसदों ने मेज थपथपा दी?

PM Modi in Rajya Sabha

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 5, 2026

PM Modi in Rajya Sabha:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए सरकार की उपलब्धियों, भारत के वैश्विक कद और विपक्ष की भूमिका पर विस्तार से बात की। उनके संबोधन के दौरान विपक्षी दलों ने लगातार नारेबाजी की, लेकिन पीएम मोदी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखी और कई मौकों पर विपक्ष पर व्यंग्य भी किया।

विपक्ष के हंगामे के बीच पीएम मोदी की शुरुआत

जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने बोलना शुरू किया, विपक्षी सांसदों ने हंगामा तेज कर दिया। शोरगुल के बीच पीएम मोदी ने सभापति से हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि विपक्षी नेता, विशेषकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, अपनी सीट पर बैठकर भी नारेबाजी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उम्र का लिहाज रखते हुए बैठकर बोलना उनके लिए ज्यादा सुविधाजनक होगा।

विकसित भारत की दिशा में तेज रफ्तार यात्रा

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्ष भारत के लिए तेज विकास के वर्ष रहे हैं। उन्होंने बताया कि समाज के हर वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और देश सही दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति के अभिभाषण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उसमें भारत की विकास यात्रा को संवेदनशीलता और स्पष्टता के साथ प्रस्तुत किया गया है।

भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक पहचान

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भारत की प्रतिभा और युवा शक्ति की अहमियत समझ रही है। भारत के पास ऐसा युवा टैलेंट पूल है, जिसमें सपने भी हैं और उन्हें पूरा करने की क्षमता भी। उन्होंने बताया कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत की विकास दर सबसे ऊंची है, जो देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाती है।

नए वैश्विक विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका

पीएम मोदी ने कहा कि कोविड के बाद पूरी दुनिया अस्थिरता के दौर से गुजर रही है और एक नए ग्लोबल वर्ल्ड ऑर्डर की ओर बढ़ रही है। इस बदलाव में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया का झुकाव भारत की ओर है और भारत एक “विश्वमित्र” के रूप में कई देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहा है।

विपक्ष पर तंज और पुरानी नीतियों की आलोचना

प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग सत्ता में रहते हुए थक गए और चले गए, उन्हें कभी न कभी जवाब देना होगा कि उन्होंने देश की ऐसी हालत क्यों बना दी थी कि दुनिया का कोई देश भारत से डील करने को तैयार नहीं था। उन्होंने कहा कि आज भारत के साथ देश अपने आप व्यापार समझौते करना चाहते हैं।

टीएमसी और घुसपैठ के मुद्दे पर हमला

पीएम मोदी ने टीएमसी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग घुसपैठियों को बचाने की वकालत कर रहे हैं, जिससे देश के युवाओं के अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि देश ऐसे लोगों को कैसे माफ करेगा।

भारत की आर्थिक रैंकिंग और कांग्रेस पर आरोप

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के समय भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन कांग्रेस की नीतियों के कारण देश 11वें स्थान पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि आज भारत फिर से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है और ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में उभर रहा है।

ट्रेड डील्स और ग्लोबल साउथ में नेतृत्व

पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने कई बड़े देशों के साथ भविष्य के लिए तैयार ट्रेड डील्स की हैं। उन्होंने यूरोपीय यूनियन के साथ हुए बड़े समझौते का भी जिक्र किया और कहा कि भारत आज वैश्विक मंचों पर नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है।

बैंकिंग सुधार और एनपीए पर नियंत्रण

प्रधानमंत्री ने 2014 से पहले की “फोन बैंकिंग” संस्कृति की आलोचना करते हुए कहा कि उस दौर में नेताओं के फोन पर अरबों रुपये बांटे जाते थे। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने बैंकिंग सेक्टर में बड़े सुधार किए, कमजोर बैंकों का विलय किया और एनपीए को 1 प्रतिशत से भी नीचे लाने में सफलता हासिल की।

मुद्रा योजना, MSME और PSU की मजबूती

पीएम मोदी ने मुद्रा योजना की तारीफ करते हुए कहा कि इसके तहत बिना गारंटी 30 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण दिया गया। उन्होंने MSME सेक्टर, महिलाओं को दी गई आर्थिक सहायता और PSU के रिकॉर्ड मुनाफे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज LIC और अन्य सार्वजनिक उपक्रम दुनिया भर में अपनी ताकत दिखा रहे हैं।

प्रगति प्लेटफॉर्म और रुके प्रोजेक्ट्स की रफ्तार

प्रधानमंत्री ने बताया कि “प्रगति” नामक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के जरिए पिछली सरकारों के समय अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा किया गया। इस पहल से करीब 85 लाख करोड़ रुपये के कार्यों को गति मिली, जो सरकार की मजबूत इम्प्लीमेंटेशन क्षमता को दर्शाता है।

लोकसभा में संबोधन क्यों टला

अंत में बताया गया कि बजट सत्र के दौरान लगातार हंगामे के कारण लोकसभा में पीएम मोदी का संबोधन टालना पड़ा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि अप्रत्याशित स्थिति की आशंका के चलते प्रधानमंत्री का भाषण स्थगित किया गया, जिसके बाद उन्होंने राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब दिया।