PM मोदी विदेश दौरे पर, कैबिनेट विस्तार की तारीख टली; जानें कब लौटेंगे प्रधानमंत्री

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के द्वारा अपनी टीम का ऐलान करने के बाद अब सबकी निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा अपनी कैबिनेट के विस्तार को हरी झंडी देने पर टिकी हुई हैं। संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले भी इसको लेकर खूब अटकलें लगीं, लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया। अब एकबार फिर ऐसी अटकलबाजियां शुरू हो चुकी हैं। हालांकि इस सबके बीच प्रधानमंत्री मोदी दो देशों की विदेश यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। इसकी वजह से फिर एकबार कैबिनेट विस्तार कुछ दिनों के लिए टलता दिख रहा

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Published On :

अगस्त 28, 2026

नई दिल्ली

 भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के द्वारा अपनी टीम का ऐलान करने के बाद अब सबकी निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा अपनी कैबिनेट के विस्तार को हरी झंडी देने पर टिकी हुई हैं। संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले भी इसको लेकर खूब अटकलें लगीं, लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया। अब एकबार फिर ऐसी अटकलबाजियां शुरू हो चुकी हैं। हालांकि इस सबके बीच प्रधानमंत्री मोदी दो देशों की विदेश यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। इसकी वजह से फिर एकबार कैबिनेट विस्तार कुछ दिनों के लिए टलता दिख रहा है।

आपको बता दें कि पीएम मोदी 31 अगस्त से एक सितंबर के बीच किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसमें एससीओ में शामिल देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे। इससे पहले प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी 28 अगस्त को उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पर रवाना होंगे। यूरेशिया क्षेत्र में भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित करने के लिहाज से इन दोनों मध्य एशियाई देशों का यह दौरा कई कारणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी की इस शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहेंगे। आपको बता दें कि भारत के लिए एससीओ एक ऐसा महत्वपूर्ण मंच है, जहां क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों, आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति और खुफिया जानकारियों के आदान-प्रदान पर ठोस चर्चा की जाती है। मध्य एशिया के समृद्ध ऊर्जा संसाधनों और भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए यह सम्मेलन ऊर्जा सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) जैसे कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने में मदद करेगा।

कई मंत्रियों ने दिया है इस्तीफा
हाल के कुछ महीनों में कई मंत्रियों ने अपने-अपने पद से इस्तीफा दिया है। उनमें सबसे बड़ा नाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का आता है। कॉकरोच जनता पार्टी की मांग की वजह से उन्हें अपने पद से इस्तीपा देना पड़ा था। उनके बाद इस मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रल्हाद जोशी को दी गई थी। इनके अलावा अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी इस्तीफा दे चुके हैं।