PM Modi Melbourne Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान गुरुवार को मेलबर्न पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय समुदाय के एक विशाल कार्यक्रम को संबोधित किया। करीब 30 हजार लोगों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला। जैसे ही प्रधानमंत्री मंच पर पहुंचे, पूरा सभागार “मोदी-मोदी” के नारों से गूंज उठा। अपने संबोधन में उन्होंने भारत की उपलब्धियों, भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों और प्रवासी भारतीयों के योगदान पर विस्तार से चर्चा की।
पारंपरिक समुदाय को सम्मान और मेलबर्न की सराहना
आपको बता दें कि, अपने भाषण की शुरुआत प्रधानमंत्री ने उस भूमि के पारंपरिक संरक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए की। उन्होंने वहां के पूर्वजों और वर्तमान समुदाय का आभार जताया। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर कहा कि यह आयोजन किसी “हाउसफुल ब्लॉकबस्टर” से कम नहीं है। उन्होंने मेलबर्न आने की खुशी जाहिर करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि इस बार उन्होंने मेलबर्न के लोगों के साथ “फ्लैट व्हाइट कॉफी” का आनंद लेने का भी मन बनाया था।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री की मौजूदगी का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं की यह साझेदारी भारत और ऑस्ट्रेलिया के मजबूत रिश्तों का प्रतीक है। अहमदाबाद के विश्व के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम से लेकर मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड तक दोनों देशों की मित्रता लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की मजबूती पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में उनका पहला ऑस्ट्रेलिया दौरा 28 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा थी। उस समय उन्होंने वादा किया था कि अगली यात्रा के लिए इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में यह उनका तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है, जो दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत होते संबंधों को दर्शाता है। उन्होंने इसका श्रेय स्वयं को नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय को दिया।
भारतीय संस्कृति की झलक से सजा मेलबर्न
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि मेलबर्न अपनी बदलती जलवायु के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां रहने वाले भारतीयों ने अपनी संस्कृति और परंपराओं से इस शहर को और अधिक जीवंत बना दिया है। उन्होंने कहा कि शहर में कई ऐसे इलाके और बाजार हैं जिन्हें लोग “लिटिल इंडिया” या “मिनी इंडिया” के नाम से जानते हैं, जहां भारतीय संस्कृति की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
हास्य के जरिए जोड़ा लोगों से संवाद
प्रधानमंत्री ने एक स्थानीय बाजार का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि वहां हमेशा सेल लगी रहती है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग बिना किसी जरूरत के भी खरीदारी कर लेते हैं और ऑफर के आकर्षण में पड़कर अतिरिक्त सामान खरीद लाते हैं। उनके इस हल्के-फुल्के अंदाज पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खूब तालियां बजाईं।
प्रवासी भारतीयों की दोहरी जिम्मेदारी की सराहना
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय परिवार एक साथ दो अलग-अलग समय क्षेत्रों के अनुसार अपना जीवन जीते हैं। यहां बच्चे स्कूल से लौटते हैं तो भारत में दादा-दादी वीडियो कॉल का इंतजार कर रहे होते हैं। सप्ताहांत के दौरान भी कई परिवार भारत में होने वाली शादियों और पारिवारिक कार्यक्रमों की लाइव स्ट्रीमिंग से जुड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि हजारों किलोमीटर की दूरी के बावजूद भारतीय समुदाय अपने देश से भावनात्मक रूप से गहराई से जुड़ा हुआ है।
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दोनों देशों की प्रगति में भारतीयों का अहम योगदान
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय न केवल अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए हुए हैं, बल्कि वहां की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय समुदाय की मेहनत, उपलब्धियों और दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों को आगे बढ़ाने में निभाई जा रही भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पूरे देश को उन पर गर्व है।










