PM Modi in Tamil Nadu: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की सियासी तपिश और चुनावी सरगर्मियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बिल्कुल जुदा और अलग ही अंदाज देखने को मिला है। रैलियों, जनसभाओं और रोड शो के बेहद व्यस्त चुनावी कार्यक्रम के बीच पीएम मोदी अचानक चेन्नई में रहने वाले जाने-माने संगीतकार और रिसर्चर (शोधकर्ता) थिरु रमेश विनायकम के निवास स्थान पर जा पहुंचे। इस बेहद खास मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने रमेश विनायकम के अभूतपूर्व कार्यों की जमकर प्रशंसा की है। राजनीतिक विश्लेषक इसे तमिलनाडु की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और कला प्रेमियों के साथ सीधे जुड़ने के प्रधानमंत्री के एक और सुनियोजित प्रयास के रूप में देख रहे हैं। वहीं, कुछ सियासी पंडितों का यह भी कहना है कि पीएम मोदी ने तमिलनाडु में बड़ा ‘म्यूजिक कार्ड’ खेलकर सत्ताधारी डीएमके (DMK) को पूरी तरह हैरान कर दिया है।
गमक बॉक्स नोटेशन सिस्टम और वंदे मातरम का गायन
बताते चले कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से देश को बताया कि रमेश विनायकम ने अपना पूरा जीवन भारतीय संगीत को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने के लिए समर्पित कर दिया है। इस खास मुलाकात के दौरान विनायकम ने पीएम मोदी को अपने अभिनव ‘गमक बॉक्स नोटेशन सिस्टम’ (Gamaka Box Notation System) की एक संगीतमय झलक दिखाई। यह सिस्टम भारतीय शास्त्रीय संगीत की बारीकियों, विशेषकर ‘गमक’ (स्वरों के उतार-चढ़ाव) को लिखित रूप में सहेजने और दर्ज करने की एक अत्यंत अनूठी पद्धति है। विनायकम ने इसी गमक सिस्टम के जरिए पीएम मोदी से सारेगामा और ‘वंदे मातरम’ गवाया, जिसे गाते समय पीएम काफी मंत्रमुग्ध नजर आए।
क्षेत्रीय अस्मिता के मुकाबले BJP का सांस्कृतिक गौरव का दांव
तमिलनाडु में सघन चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी लगातार तमिल भाषा, प्राचीन संस्कृति और यहां की समृद्ध कला का पुरजोर जिक्र कर रहे हैं। रमेश विनायकम जैसे दिग्गज व्यक्तित्व से मिलना इसी चुनावी रणनीति का एक बड़ा हिस्सा माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह भारतीय संगीत को विश्व पटल पर ले जाने का एक नया और आधुनिक तरीका है।’ विनायकम के परिवार ने पारंपरिक तमिल रीति-रिवाजों से प्रधानमंत्री का आदर-सत्कार किया, जिसकी तस्वीरें अब इंटरनेट पर आग की तरह वायरल हो रही हैं। जहां एक ओर विपक्ष क्षेत्रीय अस्मिता का मुद्दा उठा रहा है, वहीं पीएम मोदी भारतीय संगीत और तमिल प्रतिभाओं को वैश्विक पहचान दिलाने की बात कर ‘सांस्कृतिक गौरव’ का दांव खेल रहे हैं।
विरासत और विकास के मुद्दे पर BJP ने झोंकी ताकत
आपको बता दे कि, रमेश विनायकम एक विख्यात संगीतकार, गायक, गीतकार और शोधकर्ता हैं, जिन्होंने 12 वर्ष की आयु में ही अपना पहला गीत लिखा था। भारतीय शास्त्रीय संगीत में ‘गमक’ का अर्थ है स्वरों को खूबसूरती से मोड़ना, जिसे पारंपरिक पश्चिमी नोटेशन में लिखना नामुमकिन माना जाता था, लेकिन विनायकम ने इसे संभव कर दिखाया। पीएम मोदी ने इस तकनीक को भविष्य के लिए क्रांतिकारी बताया। चुनाव के इस भारी शोर-शराबे में प्रधानमंत्री का संगीत के प्रति यह अगाध प्रेम न केवल स्थानीय वोटरों को प्रभावित कर रहा है, बल्कि यह भी साफ दर्शाता है कि भाजपा इस बार तमिलनाडु में ‘विकास’ के साथ-साथ ‘सांस्कृतिक विरासत’ के मुद्दे पर भी अपनी पूरी ताकत लगा रही है।










