Sanjay Raut on PM Modi Record: भारतीय राजनीति में बुधवार (10 जून 2026) का दिन एक नया इतिहास रचने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने वाले देश के पहले प्रधान सेवक बनने वाले हैं। इस ऐतिहासिक तारीख को पीएम मोदी आधुनिक भारत के निर्माता कहे जाने वाले पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पूरी तरह से ध्वस्त कर देंगे और देश में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री का गौरव हासिल कर लेंगे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि को देशव्यापी उत्सव के रूप में मनाने की भव्य तैयारियां कर रही है। हालांकि, पीएम मोदी के इस नए रिकॉर्ड और बीजेपी के जश्न की तैयारियों पर विपक्षी खेमे में भारी खलबली मच गई है।
संजय राउत का विवादित बयान
बताते चले कि, बीजेपी के इस मेगा सेलिब्रेशन पर विपक्षी गठबंधन की ओर से तीखा पलटवार शुरू हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत ने इस पूरे जश्न को सिरे से गलत ठहराया है। संजय राउत ने पीएम मोदी के रिकॉर्ड पर तंज कसते हुए सीधा सवाल दागा कि नरेंद्र मोदी के इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने से आखिरकार देश को धरातल पर क्या फायदा हुआ है? उन्होंने आगे कहा कि पंडित नेहरू से महज एक दिन ज्यादा प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठ जाने से इतिहास नहीं बदल जाता। जवाहरलाल नेहरू ने विपरीत परिस्थितियों में देश के लिए जो ऐतिहासिक फैसले लिए और बुनियादी ढांचा तैयार किया, उसी की बदौलत आज भारत इस मजबूत स्थिति में खड़ा है। संजय राउत ने पूछा कि इसके मुकाबले मौजूदा सरकार ने देश को क्या दिया है?
सत्ता के शीर्ष पद का त्याग करने के पुराने वादों पर संजय राउत ने घेरा
पीएम मोदी के 12 साल से अधिक के कार्यकाल पर हमला बोलते हुए संजय राउत ने उनके पुराने बयानों को हथियार बनाया।संजय राउत ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में मौजूदा सरकार ने क्या काम किया है, यह पूरा देश अच्छी तरह देख रहा है। उन्होंने तंज कसा कि इतने लंबे समय में प्रधानमंत्री ने मीडिया के सामने आकर एक भी सीधे सवाल का सामना नहीं किया। संजय राउत ने पुरानी बातों का हवाला देते हुए याद दिलाया कि नरेंद्र मोदी ने खुद राजनीति में उम्र बढ़ने पर पदों का त्याग करने की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि 75 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद वे सक्रिय पदों से हट जाएंगे, लेकिन उम्र सीमा पार होने के बावजूद क्या उन्होंने इस कुर्सी का मोह छोड़ा?
‘प्रधानमंत्री ने इस सर्वोच्च संवैधानिक पद के साथ न्याय नहीं किया’
संजय राउत ने अपने बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश के पहले प्रधानमंत्री और नरेंद्र मोदी की तुलना करना पूरी तरह असंभव और बेमानी है। विपक्षी नेता ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री ने इस सर्वोच्च संवैधानिक पद के साथ न्याय नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जहां पंडित नेहरू ने भारत में लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी और लोकतांत्रिक संस्थाओं को ताकत दी, वहीं मौजूदा शासनकाल में देश के लोकतंत्र और सभी स्वायत्त संस्थाओं को पूरी तरह कमजोर कर दिया गया है।
‘एक समय के बाद लोग नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को भूल जाएं’
अपनी बात को खत्म करते हुए संजय राउत ने भविष्यवाणी के लहजे में कहा कि एक समय के बाद लोग नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को भूल जाएंगे, लेकिन पंडित जवाहरलाल नेहरू को देश और दुनिया कभी नहीं भूल सकती। नेहरू, महात्मा गांधी और इंदिरा गांधी ने इस राष्ट्र के निर्माण के लिए अपनी संपत्ति तक दान कर दी और अपना पूरा जीवन देश को समर्पित कर दिया। राउत के मुताबिक, नेहरू-गांधी परिवार का यह वैश्विक प्रभाव और अमूल्य विरासत हमेशा अमर रहेगी, जिसकी तुलना मौजूदा सत्ता के दावों से कभी नहीं की जा सकती।










