PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण पैदा हुई LPG आपूर्ति संबंधी चिंताओं पर भरोसा व्यक्त किया कि भारत इस संकट से भी जल्द बाहर निकल जाएगा, जैसे देश COVID-19 महामारी के समय उबरा था। NXT समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार कई मोर्चों पर सक्रिय रूप से काम कर रही है ताकि वैश्विक संकट का भार भारतीय नागरिकों पर न पड़े।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा, “मुझे 140 करोड़ भारतीयों पर पूरा भरोसा है कि जैसे हमने कोविड के समय मुश्किलों को पार किया, वैसे ही इस संकट से भी हम उबर जाएंगे। हमारा संकल्प साफ है—दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे युद्धों की वजह से नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।”
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई

पीएम मोदी ने LPG की उपलब्धता को लेकर अफवाहें फैलाने और भय का माहौल बनाने के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी और जमाखोरी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे निगरानी तंत्र को और मजबूत करें। उन्होंने कहा, “मैं राज्य सरकारों से अनुरोध करता हूं कि वे ऐसे समय में कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सतर्क रहें।”
ऊर्जा संकट और भारत की तैयारियां
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट के बढ़ने की बात स्वीकार की, लेकिन यह भी कहा कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार दुनिया के कई नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ लगातार संपर्क में है और सप्लाई चेन में आने वाली बाधाओं को दूर करने के प्रयास कर रही है।
मोदी ने भारत की लंबी अवधि की ऊर्जा रणनीति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में सरकार ने एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देकर और बायोफ्यूल को प्रोत्साहित करके पेट्रोलियम पर निर्भरता कम करने के लिए काम किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि 2014 से पहले देश की एथेनॉल मिश्रण क्षमता केवल 1-1.5 प्रतिशत थी, जबकि अब पेट्रोल में लगभग 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है।
रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और LPG नेटवर्क
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने वैश्विक संकटों का सामना करने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और ऊर्जा ढांचे का विस्तार किया है। देश का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार अब 50 लाख टन से अधिक है। साथ ही, 2014 में 14 करोड़ LPG कनेक्शन थे, जो अब बढ़कर 33 करोड़ हो गए हैं। इसके अलावा, पिछले एक दशक में भारत ने गैस पाइपलाइन नेटवर्क, LNG टर्मिनल और LPG वितरण व्यवस्था का भी काफी विस्तार किया है।
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की प्रगति
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत लगातार प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास का एक प्रमुख चालक बना हुआ है। उन्होंने कहा, “दुनिया एक कठिन दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत तेज और स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है।”
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश स्पष्ट है—भारत न केवल वर्तमान संकटों का सामना करने के लिए तैयार है, बल्कि कोविड जैसी कठिन परिस्थितियों से मिली सीख और मजबूत ऊर्जा ढांचे के माध्यम से आने वाले किसी भी वैश्विक संकट से उबरने में सक्षम है।
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