पंजाब दौरे पर जा रहे PM मोदी

जालंधर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी एक फरवरी को बजट को पेश करवाने के बाद शाम को पंजाब दौरे पर जा रहे हैं। पीएम का यह दौरा गुरु रविदास की 649वीं जयंती के अवसर पर रविदसिया समाज के मुख्यालय जालंधर के बल्लां स्थित डेरा सचखंड में हो रहा है। विधानसभा चुनाव के लिए एक साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में राज्य की जाति आधारित राजनीति में रविदासिया समाज की भूमिका को देखते हुए पीएम का इस समाज के मुख्यालय पर यह दौरा और भी ज्यादा खास हो गया है। पीएम मोदी के इस दौरे के पहले जालंधर

Wrriten By :

Editor

Published On :

फ़रवरी 1, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

जालंधर.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी एक फरवरी को बजट को पेश करवाने के बाद शाम को पंजाब दौरे पर जा रहे हैं। पीएम का यह दौरा गुरु रविदास की 649वीं जयंती के अवसर पर रविदसिया समाज के मुख्यालय जालंधर के बल्लां स्थित डेरा सचखंड में हो रहा है। विधानसभा चुनाव के लिए एक साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में राज्य की जाति आधारित राजनीति में रविदासिया समाज की भूमिका को देखते हुए पीएम का इस समाज के मुख्यालय पर यह दौरा और भी ज्यादा खास हो गया है।

पीएम मोदी के इस दौरे के पहले जालंधर को दहलाने की भी कोशिश की गई थी। यहां के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। हालांकि बाद में वह सब फर्जी साबित हुए। पीएम का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भाजपा और उसकी पूर्व क्षेत्रीय सहयोगी पार्टी राज्य में दलित समुदाय को साधने की कोशिश कर रही है।

आखिर क्यों अहम है रविदासिया समाज?
पंजाब में आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा समेत तमाम पार्टियां दलित वोटर्स को लुभाने में लगी हुई है। ऐसे में दोआबा क्षेत्र, जहां पर लगभग 45 फीसदी दलित आबादी रहती है, जो कि पंजाब के औसत 32 फीसदी से कहीं ज्यादा है। इस क्षेत्र में राज्य की 23 विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें बल्लां स्थित डेरे की पकड़ इनमें से करीब 19 सीटों पर है। संसद में बजट पेश करवाने के बाद पंजाब के दौरे पर जा रहे पीएम का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। जालंधर पहुंचने के पीएम मोदी यहां पर आदमपुर एयरपोर्ट का नया नामकरण करेंगे। यह एयरपोर्ट कल के बाद श्री गुरु रविदास जी एयरपोर्ट आदमपुर के नाम से जाना जाएगा। इस एयरपोर्ट का नाम बदलने की मांग काफी पहले से की जा रही थी। केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा हर तरीके से इस समुदाय को खुश करने में लगी हुई है। हाल ही में 26 जनवरी को पद्म पुरस्कार विजेताओं में यहां के डेरा प्रमुख निरंजन दास का नाम भी शामिल था।

दलित वोटरों पर भाजपा की नजर
भाजपा शुरुआती दौर से ही पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की जूनियर बनकर रही है। किसान आंदोलन के बाद राज्य में भाजपा की स्थिति में थोड़ी और गिरावट आई। इसके अलावा शिरोमणि अकाली दल भी साथ छोड़ गया। अब ऐसे में भाजपा का मुख्य फोकस राज्य के दलित वोटरों पर ही है और यही पार्टी के लिए राज्य में खड़े होने की कुंजी भी है। राज्य में पार्टी की इस योजना का असर होते हुए भी दिख रहा है। आंकड़ों की मानें तो 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर केवल 6.6 फीसदी था, जो कि लोकसभा चुनाव में बढ़कर 18.56 फीसदी हो गया। हालांकि, इसमें किसान आंदोलन के असर का कम होने जैसे फैक्टर भी शामिल हो सकते हैं। विश्लेषकों की मानें तो रविदासिया समुदाय को साधकर भाजपा यहां पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाना चाहती है।

हालांकि पंजाब की राजनीति पर करीबी से नजर रखने वाले लोगों का मानना है कि पंजाब के दलित मतदाता एकजुट होकर वोट नहीं देते हैं। प्रिंट से बात करते हुए। चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज की डॉ. कंवलप्रीत कौर ने द प्रिंट से कहा, “रविदासिया और अन्य दलित समुदाय एकमुश्त किसी एक पार्टी को वोट नहीं देते। वे स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवारों और गठबंधनों के आधार पर रुख बदलते हैं।” उनका कहना है कि समुदाय लंबे समय से अलग पहचान की मांग करता रहा है और बीजेपी इस पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने की कोशिश कर रही है।

भाजपा क्या बोली?
राजनीति चाहें कुछ भी कहें लेकिन भाजपा नेतृत्व ने इस दौरे को राजनैतिक चश्मे से न देखने की अपील की है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, “यह पंजाब के लिए गर्व का क्षण है। प्रधानमंत्री का रविदास जयंती समारोह में शामिल होना सभी समुदायों में एकता का संदेश देता है।” पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि बजट वाले दिन प्रधानमंत्री का यह दौरा “आस्था और सम्मान को दी जा रही प्राथमिकता” को दर्शाता है। जाखड़ ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक इस समुदाय को नजरअंदाज किया।

Leave a Comment

2