PM Modi in Australia: ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित मार्वल स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय के लगभग 30 हजार लोगों को संबोधित करते हुए भारत की बदलती साख और आतंकवाद के खिलाफ अपनी स्पष्ट नीति को दुनिया के सामने रखा। पीएम मोदी का यह संबोधन न केवल भारत और ऑस्ट्रेलिया के गहरे होते रिश्तों का प्रतीक बना, बल्कि पड़ोसी देशों के लिए एक कड़ा संदेश भी साबित हुआ।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ और आतंकवाद पर करारी चोट
इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने पाकिस्तान को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकवाद के ठिकानों पर हुए वे धमाके कोई साधारण घटना नहीं थे। उन्होंने स्पष्ट किया, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो आपने देखा, वह तो महज एक ‘डेमो’ (प्रदर्शन) था। आतंकियों के अड्डों पर हुए उन धमाकों की गूंज पूरी दुनिया ने सुनी है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की यह शक्ति और आतंक के खिलाफ उसकी यह अटूट प्रतिबद्धता न केवल भारतवासियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण है कि भारत अब किसी भी कीमत पर अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अब रुकने वाला नहीं है, बल्कि ‘ग्रो मोर’ (और अधिक विकास) के मंत्र के साथ अपनी प्रगति को और गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।
ग्लोबल ब्रांड बन चुका है भारत
संबोधन के दौरान पीएम ने कहा कि आज भारत एक ‘ग्लोबल ब्रांड’ के रूप में उभर चुका है। उन्होंने 2014 की अपनी उस यात्रा को याद किया जब 28 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था। उन्होंने कहा, “तब मैंने वादा किया था कि अब आपको 28 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।” आज, पिछले 12 वर्षों में तीन बार ऑस्ट्रेलिया की अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे रिश्तों की ‘हैट्रिक’ बताया। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय किसी एक व्यक्ति को न देकर वहां मौजूद भारतीय समुदाय के योगदान को दिया।
भारत-ऑस्ट्रेलिया रिश्तों की नई ऊंचाइयां
मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में मौजूद जनसैलाब को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच के संबंध आज ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं। उन्होंने कहा, “यह आप सभी साथियों की मेहनत का परिणाम है कि आज दुनिया भारत की ओर सम्मान की दृष्टि से देख रही है।” उन्होंने मेलबर्न शहर की तुलना करते हुए कहा कि जिस तरह मेलबर्न में एक दिन में चार मौसम का अनुभव होता है, वैसे ही भारत और ऑस्ट्रेलिया की दोस्ती भी हर दिन नई खुशहाली और ऊंचाइयों को छू रही है।
प्रधानमंत्री का यह संबोधन भारत के नए आत्मविश्वास को दर्शाता है, जहाँ एक ओर आतंकवाद के खिलाफ कड़े प्रहार की नीति है, तो दूसरी ओर विश्व पटल पर भारत की बढ़ती साख और मजबूत होती अंतरराष्ट्रीय साझेदारी का संकल्प है। यह स्पष्ट संकेत है कि भारत अब वैश्विक मंच पर अपनी शर्तों पर अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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