Belgium PM India Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए भारत पहुंचे बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर अपने साथ एक बेहद खास और अनोखा तोहफा लाना चाहते थे। यह उपहार सिर्फ चॉकलेट से बनी एक कलाकृति नहीं थी, बल्कि भारत और बेल्जियम के ऐतिहासिक रिश्तों की कहानी भी बयां करती थी। हालांकि, भारत पहुंचने से पहले ही यह खास तोहफा टूट गया और पीएम मोदी को नहीं दिया जा सका।
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चॉकलेट से तैयार कराया गया था इंडिया गेट
बार्ट डी वेवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बेल्जियम की मशहूर चॉकलेट से इंडिया गेट की हूबहू प्रतिकृति तैयार करवाई थी। इस खास कलाकृति को पीएम मोदी को भेंट करने की योजना थी। लेकिन भारत की यात्रा के दौरान चॉकलेट से बना यह इंडिया गेट क्षतिग्रस्त हो गया।
भारत में बेल्जियम दूतावास ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस अनोखे तोहफे की तस्वीर भी साझा की। दूतावास ने इसे चॉकलेट से बना ‘वायरल इंडिया गेट’ बताते हुए कहा कि यात्रा के दौरान दुर्भाग्य से यह टूट गया।
बेल्जियम पीएम ने खुद सुनाया पूरा किस्सा
नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बार्ट डी वेवर ने इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह पीएम मोदी के लिए ऐसा उपहार देना चाहते थे, जो भारत और बेल्जियम के रिश्तों से जुड़ा हो। इसी सोच के तहत इंडिया गेट की चॉकलेट प्रतिकृति तैयार कराई गई। लेकिन भारत की यात्रा के दौरान यह टूट गई। डी वेवर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि असली इंडिया गेट करीब एक सदी से मजबूती से खड़ा है, लेकिन चॉकलेट से बना उसका मॉडल भारत पहुंचने तक नहीं टिक पाया।
उन्होंने यह भी कहा कि चॉकलेट डिप्लोमेसी के लिए तो शानदार है, लेकिन राजनयिक यात्राओं के दौरान इसे संभालकर ले जाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
बेल्जियम में तैयार है बैकअप मॉडल
चॉकलेट वाला इंडिया गेट टूटने के बावजूद बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने हार नहीं मानी है। उन्होंने बताया कि बेल्जियम में इसकी एक दूसरी प्रतिकृति पहले से तैयार है। उनका कहना है कि वह किसी न किसी तरह इस बैकअप मॉडल को सुरक्षित तरीके से प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे।यानी पीएम मोदी के लिए तैयार किया गया यह खास तोहफा अभी पूरी तरह कहानी से बाहर नहीं हुआ है।
इंडिया गेट को ही क्यों चुना गया?
इस उपहार के पीछे एक खास कूटनीतिक और ऐतिहासिक संदेश भी छिपा था। बार्ट डी वेवर के मुताबिक, इंडिया गेट भारत और बेल्जियम के साझा इतिहास और भविष्य की साझेदारी का प्रतीक है। चॉकलेट की प्रतिकृति में इंडिया गेट पर लिखे उस हिस्से को विशेष रूप से उभारा गया था, जो प्रथम विश्व युद्ध में फ्लैंडर्स फील्ड्स में लड़ते हुए शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद से जुड़ा है।
साझा इतिहास की याद दिलाता है तोहफा
बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सदी से भी पहले हजारों किलोमीटर दूर से भारतीय सैनिक बेल्जियम की धरती पर युद्ध लड़ने पहुंचे थे। उनके साहस और बलिदान को बेल्जियम आज भी याद करता है। उन्होंने इस ऐतिहासिक जुड़ाव को दोनों देशों के रिश्तों की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। साथ ही कहा कि यह इतिहास दुनिया को शांति के महत्व की याद दिलाता है।
पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान डी वेवर ने भारत के विकास और आधुनिकीकरण की भी सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में हुए बदलावों और भारत-बेल्जियम के भविष्य के संबंधों को लेकर सकारात्मक विचार व्यक्त किए।
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