PM Modi Foreign Visit: सेशेल्स से ऑस्ट्रेलिया तक क्या हासिल हुआ? बीजेपी ने गिनाईं बड़ी उपलब्धियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्रा को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। सेशेल्स से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक हुए दौरों के बाद बीजेपी ने कई कूटनीतिक और रणनीतिक उपलब्धियों का दावा किया है। आखिर इन यात्राओं से भारत को क्या लाभ मिला और किन समझौतों ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, जानिए पूरी रिपोर्ट।

PM Modi Foreign Visit

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 12, 2026

PM Modi Foreign Visit: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्राओं के सकारात्मक परिणामों पर प्रकाश डाला गया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने विस्तार से बताया कि पीएम मोदी की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और सेशेल्स की यात्राओं से भारत को सामरिक, आर्थिक और कूटनीतिक मोर्चों पर अभूतपूर्व सफलताएं मिली हैं। इन यात्राओं का महत्व स्पष्ट करते हुए उन्होंने पीएम मोदी के विजन को ‘दस कदम, दस का दम’ की संज्ञा दी, जो भारत की बढ़ती वैश्विक धमक और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूत पकड़ को दर्शाता है।

‘दस कदम, दस का दम’: भारत के लिए प्रमुख उपलब्धियां

संबित पात्रा ने प्रधानमंत्री की यात्राओं के दस प्रमुख लाभों को रेखांकित किया, जो देश के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनमें हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक गठबंधन, रक्षा एवं समुद्री सहयोग, क्रिटिकल मिनिरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) को लेकर साझेदारी और ऊर्जा सुरक्षा शामिल हैं। इसके अलावा, आर्थिक निवेश, सभ्यताओं का मिलन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, खेल और जन-जन के आपसी संबंधों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पात्रा ने कहा कि इन यात्राओं ने सेशेल्स से लेकर इंडोनेशिया तक भारत की सामरिक और वैचारिक स्थिति को सशक्त किया है, जिससे वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका और अधिक प्रभावी हो गई है।

वैश्विक पटल पर भारत की ‘स्थिर सरकार’ की नई पहचान

बीजेपी प्रवक्ता ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं ने विश्व को ‘स्थिरता’ का एक सशक्त संदेश दिया है। वर्ष 2014 से लेकर अब तक अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में बहुत कुछ बदल गया है, लेकिन भारत में निरंतरता के साथ काम कर रही स्थिर सरकार ने वैश्विक निवेशकों और मित्र देशों का विश्वास जीता है। यह राजनीतिक स्थिरता भारत के लिए सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है, जिसके कारण दुनिया के शक्तिशाली राष्ट्र भारत के साथ दीर्घकालिक समझौते करने के लिए उत्सुक हैं। यह स्थिरता दर्शाती है कि भारत अब एक निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व के साथ आगे बढ़ रहा है।

रणनीतिक समझौते और ऊर्जा सुरक्षा में बड़ी सफलता

पीएम मोदी की कूटनीतिक सक्रियता का ही परिणाम है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऐतिहासिक समझौते संभव हो सके हैं। संबित पात्रा ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि किस प्रकार ऑस्ट्रेलिया अब भारत को यूरेनियम आपूर्ति के लिए तैयार हो गया है, जो पहले एक बड़ी चुनौती थी। इसके अतिरिक्त, न्यूजीलैंड की यात्रा के दौरान व्यापार, पर्यटन और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर हुए समझौतों ने दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। ये समझौते न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों को पूरा करेंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत को एक जिम्मेदार और सामरिक रूप से शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में भी स्थापित करेंगे। इन यात्राओं ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत की विदेश नीति का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।

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