PM Modi High Level Meeting: केंद्रीय कैबिनेट में संभावित फेरबदल की सरगर्मियों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहे हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री विभागीय सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। पीएम की सचिव स्तर पर यह दूसरी अहम बैठक है, जो सीधे तौर पर शासन की कार्यप्रणाली और गति को निर्धारित करेगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उदारीकरण, नियमों में सरलीकरण और संरचनात्मक सुधारों पर गहराई से मंथन करना है। सरकार का लक्ष्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ यानी व्यापार करने में आसानी की रैंकिंग और जमीनी हकीकत में सुधार लाना है, ताकि आर्थिक विकास की गति को और तेज किया जा सके।
विकसित भारत का रोडमैप
बताते चले कि, प्रधानमंत्री की शीर्ष नौकरशाहों के साथ यह दूसरी बड़ी मीटिंग है, जो सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करती है। इससे पहले, 21 मई को पीएम ने केंद्रीय सचिवों और मंत्रिपरिषद के साथ ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के रोडमैप पर एक संयुक्त बैठक की थी। अब, मंगलवार को होने वाली इस बैठक में सरकार का विशेष ध्यान आत्मनिर्भर अभियान की सफलता पर केंद्रित रहेगा। उदारीकरण के दौर में भारतीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और नियमों के जाल को खत्म करने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। यह बैठक केवल चर्चा तक सीमित नहीं, बल्कि नीतिगत सुधारों को धरातल पर उतारने का एक ब्लूप्रिंट होगी।
सुशासन का नया ब्लूप्रिंट
बैठक का एजेंडा स्पष्ट है—जीवन जीने की सुगमता (Ease of Living), जटिल नियमों में ढील देना और आत्मनिर्भर भारत को जमीनी स्तर पर मजबूती देना। सरकार का जोर इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर है, ताकि आम नागरिक से लेकर उद्यमी तक, हर कोई सरकारी सेवाओं का लाभ बिना किसी अड़चन के उठा सके। सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री के सामने प्रत्येक सचिव को अपनी प्रस्तुति के लिए केवल तीन मिनट का समय दिया जाएगा। इस संक्षिप्त समय में उन्हें न केवल उठाए गए कदमों का ब्यौरा देना होगा, बल्कि सुधारों को लागू करने के लिए भविष्य की कार्ययोजना और नवाचारों पर अपने सुझाव भी प्रस्तुत करने होंगे।
नियामक सुधारों पर जोर
एनडीए के वर्तमान शासनकाल में, केंद्र और राज्य दोनों ही स्तरों पर सरकार विनियमन (Regulation) में सुधार और अनावश्यक ढील देने की नीति पर आक्रामक रूप से काम कर रही है। लालफीताशाही को कम करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। इस दिशा में पहले ही सभी संबंधित समितियों को उनकी स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। यह कवायद यह सुनिश्चित करने के लिए है कि सुधार केवल फाइलों में न रहें, बल्कि वे जमीनी हकीकत बनकर लोगों की समस्याओं का समाधान करें।
सेशेल्स से लौटते ही सक्रियता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय अफ्रीकी देश सेशेल्स के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। यह दौरा कई मायनों में सुर्खियों में रहा, जहां सेशेल्स ने पीएम को अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा। प्रधानमंत्री की ‘कल्चर कनेक्ट’ और ‘कार डिप्लोमेसी’ ने दोनों देशों के बीच संबंधों को एक नई ऊंचाई दी है। सेशेल्स यात्रा का आज अंतिम दिन है। प्रधानमंत्री आज (सोमवार) देर शाम दिल्ली पहुंच जाएंगे और कल (मंगलवार) सीधे सरकारी कामकाज और प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। यह दौरे की थकान के तुरंत बाद काम में जुटने की उनकी शैली को दर्शाता है।










